बलरामपुर : परिषदीय स्कूलों में भले ही पठन-पाठन शुरू न हुआ हो, लेकिन विभाग निर्बाध शिक्षा की तैयारियों में जुटा हुआ है। आनलाइन शिक्षण में किताबों की कमी बाधा न बने, इसके लिए कोठार में पाठ्य पुस्तकें पहुंचने लगी हैं। विद्यालय में पठन-पाठन शुरू होने पर छात्र-छात्राओं को पुस्तकों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसलिए विभिन्न कक्षाओं के अलग-अलग विषयों की 634031 पुस्तकें कोठार में पहुंचा दी गई हैं। 619370 पुस्तकें अभी आनी बाकी हैं। गाइडलाइन आते ही इन किताबों को खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से सभी स्कूलों में पहुंचा दिया जाएगा। प्रधानाचार्यों के माध्यम से इसका वितरण छात्र-छात्राओं कराया जाएगा।

जिले के 1247 प्राथमिक, 33 उच्च प्राथमिक व 317 कंपोजिट स्कूलों में 2,51,566 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। कोरोना महामारी के कारण परिषदीय स्कूलों में अब तक शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो सका है। हालांकि शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय जा कर विभागीय कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं। शिक्षा से बच्चों का तारतम्य टूटने न पाए, इसके लिए आनलाइन शिक्षा जारी है। दीक्षा एप में उपलब्ध पाठ्य सामग्री को सहजता से समझने में पाठ्य पुस्तकों की महती भूमिका है। किताब का क्यूआर कोड स्कैन करने से संबंधित विषय वस्तु का ज्ञान दीक्षा एप पर आसानी से मिल जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए किताबें पहुंचनी शुरू हो गई हैं। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए 6,80,041 किताबों की जरूरत है। इसके सापेक्ष ब्लाक संसाधन केंद्र सेखुईकला स्थित कोठार में 1,78,702 पाठ्य पुस्तकें पहुंच चुकी हैं। कक्षा छह से आठ तक के लिए 5,73,360 पुस्तकों की जरूरत है। 4,55,329 किताबें आ चुकी हैं। कक्षा एक के सभी विषयों की किताबें आ चुकी हैं। कक्षा चार व पांच के किसी भी विषय की किताब न आने से बच्चों को इंतजार करना पड़ेगा। कक्षा वार किताबों का विवरण :

कक्षा मांग आपूर्ति

-एक 39243 39243

-दो 82009 37140

-तीन 222381 102319

-चार 180031 शून्य

-पांच 156377 शून्य

-छह 226187 163127

-सात 180648 175269

-आठ 166425 116933

योग 1253401 634031

जल्द होगा वितरण :

बीएसए डा. रामचंद्र का कहना है कि शासन से 50 फीसद पाठ्य पुस्तकें मिल चुकी हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से इनका वितरण ब्लाकों में कराया जाएगा। जल्द ही शेष पुस्तकें भी मिलने की उम्मीद है।

Edited By: Jagran