बलरामपुर : लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। गांव से लेकर शहर की गलियां जलमग्न हो गई है। गुरुवार को दिन भर रूक-रूक कर हुई तेज बारिश से नदी व नालों में उफान आ गया। हालांकि राप्ती नदी चेतावनी बिन्दु से 12 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। नदी के तटीय गांवों में कटान शुरू हो गई है। भुसेलवा डिप पर पानी आ जाने से आवागमन ठप हो गया है। खेतों में पानी भर जाने से अरहर, उड़द, मक्का व सब्जियों की फसलों के खराब होने की आशंका किसानों ने जताई है। सादुल्लाहनगर में तेज बारिश से मुर्गीफार्म ढह गया। जिसमें कई मुर्गी दब गई। गुरुवार को राप्ती नदी का जलस्तर 103.500 पर रूक गया है। जो चेतावनी ¨बदु से 12 सेंटीमीटर नीचे है। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने राप्ती नदी के सिसई घाट व बाढ़ चौकी सिसई का निरीक्षण कर एसडीएम सदर अरुण कुमार गौड़ को खामियां दूर करने का निर्देश दिया। कहाकि कटान स्थलों की बराबर निगरानी किए जाने की हिदायत दी है। अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ल भी मौजूद थे।

जलस्तर देख सहमे ग्रामीण

-नदी के तटवर्ती गांव नरायनपुर मझारी, नौबस्ता, रजवापुर, नैनसुखवा, फत्तेपुर, रामनगर व करमहना समेत 24 गांव के लोग दहशत में है। नौबस्ता, रजवापुर व मझारी गांव के कुछ परिवार नदी और बांध के बीच में बसे हैं। जो नदी के जलस्तर को देख सुरक्षित स्थानों पर चले गए है। नैनसुखवा-फत्तेपुर गांव के पास नदी बांध व रामनगर के निकट नदी मुख्य मार्ग के करीब पहुंच गई है। इससे बेलहा-गौरा मार्ग को भी क्षति हो सकती है। किसान पवन कुमार व सुखदेव प्रसाद का कहना है कि पहले सूखे जैसे हालात थे। अब बाढ़ जैसी स्थित हो रही है। खेतों में पानी भरने से अरहर, उड़द, मक्का व सब्जियों की फसल प्रभावित होने लगी है।

Posted By: Jagran

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