संवादसूत्र, बलरामपुर :

जिले में गर्मी का सितम दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। आग बरसाती धूप में लोगों का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। लोग सिर पर गमछा, टोपी व छाता लेकर चलने को मजबूर हैं। गर्म हवाओं की लपटों में चलना वाहन चालकों को भी भारी पड़ रहा है। मंगलवार को जिले का तापमान अधिकतम 41.5 व न्यूनतम 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा। भीषण गर्मी में गला तर करने के लिए लोग बेल का शर्बत व गन्ने का रस पीते नजर आए। इन सबके बीच सबसे ज्यादा परेशानी उन नौनिहालों को उठानी पड़ रही है, जिनकी छुट्टी दोपहर दो बजे के बाद होती है। झुलसने को मजबूर नौनिहाल :

-जिले में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। आलम यह है कि सुबह सात बजे ही कड़ी धूप निकल आती है। वहीं निजी स्कूलों पर जिला प्रशासन का अंकुश नहीं है। आला अधिकारियों की बेरुखी से निजी विद्यालय संचालक दोपहर दो से तीन बजे के बीच छुट्टी करते हैं, जिससे नन्हे-मुन्ने कड़ी धूप में झुलसते हुए घर तक पहुंचते हैं। विद्यालय समय न बदलने से नौनिहालों के बीमार होने की आशंका बनी रहती है।

पानी को तरस रहे राहगीर :

-चिलचिलाती धूप में सड़क पर चलने वाले राहगीरों व वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों को पीने के लिए शुद्ध पानी तक नसीब नहीं है। नगर पालिका परिषद की ओर से लगवाए गए वाटर कूलर शोपीस बनकर रह गए हैं। किसी का मोटर खराब है, तो किसी की टोटी गायब है। ऐसे में प्यास से बेहाल लोगों को 20 रुपये लीटर पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है। आमजन की इस समस्या पर नपाप प्रशासन व जिम्मेदार अधिकारियों की नजर नहीं पड़ रही है। ठीक करवाए जाएंगे वाटर कूलर :

-नगर पालिका के ईओ राकेश कुमार जायसवाल का कहना है कि वाटर कूलरों में जो भी खराबी है, उन्हें दुरुस्त करवाया जाएगा।

Edited By: Jagran