बलरामपुर : क्षेत्र के गुलरहा गांव में करीब छह वर्ष पूर्व बना पंचायत भवन बदहाली का शिकार है। लाखों खर्च कर बनवाए गए इस पंचायत भवन में आज तक खुली बैठक नहीं हो सकी। जिससे गांव में विकास की गंगा बहाने की शासन की मंशा पर पानी फिर गया। जिम्मेदारों की लापरवाही से पंचायत भवन मवेशियों की आरामगाह बनकर रह गया है।

ग्राम प्रधान नंदकिशोर का कहना है कि पंचायत भवन के निर्माण में कार्यदायी संस्था ने मानकों की अनदेखी की है। जिससे भवन कुछ समय बाद ही जर्जर हो गया। अब तक पंचायत भवन में एक भी खुली बैठक नहीं हुई। भवन बनने के बाद अफसरों ने इसकी जांच करना व यहां बैठकें कराना मुनासिब नहीं समझा। जिससे गांव के विकास की सभी योजनाएं ब्लॉक मुख्यालय तक ही सिमट कर रह गईं। छोटे-बड़े कार्यों के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। प्रभारी जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार ¨सह का कहना है कि कायाकल्प योजना के तहत पंचायत भवनों की मरम्मत कराई जा रही है।

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Posted By: Jagran