संवादसूत्र, तुलसीपुर (बलरामपुर) :

राप्ती मुख्य नहर का मदराहवा गांव के पास नकटी नाले पर टूटे साइफन की मरम्मत नहीं हो सकी है। मिट्टी पाट कर नहर चालू करने का प्रयास कामयाब नहीं रहा। नहर का पानी अभी नाले में ही गिर रहा है। अधिकारी दोषियों को बचाने में जुटा है। जिला प्रशासन ने भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। एक सप्ताह से चल रही मरम्मत, सिरिया नाला में बह कर बर्बाद हो रहा पानी।

एक सप्ताह से राप्ती मुख्य नहर में पानी तुलसीपुर के मदरहवा गांव से आगे नहीं जा पा रहा है। क्योंकि नाले में बना साइफन ढह गया है। सात दिन से ट्रैक्टर-ट्राली से मिट्टी की पटाई की जा रही थी। गुरुवार को नहर में पानी छोड़ा गया तो मिट्टी बह गई। पानी नाले में गिरकर बर्बाद हो रहा है। नईकिनिया और चौहत्तरकला के बीच नहर पर बने बैराज से पानी को दोबारा सिरिया नाले में मोड़ दिया गया। मदराहवा के पास नहर में मिट्टी का मेंड़ बनाकर पानी जाने से रोकने का प्रयास किया गया। इसके बाद नकटी नाले में जलबहाव बंद हुआ। मिट्टी पाटकर हजारों रुपये बर्बाद करने की बात दैनिक जागरण ने पूर्व में प्रकाशित कर चुका है। नहर में पानी मिलने की आस लगाए बैठे ग्रामीण मायूस है। गन्ने की खेती के लिए इस समय पानी की किसानों को आवश्यकता है। राप्ती नहर निर्माण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता सुरेंद्र कुमार ने बताया कि नहर की पुन: मरम्मत कराई जा रही है। 10 साल में साइफन ढहने के लिए दोषियों पर कार्रवाई के सवाल पर चुप हो गए।

Edited By: Jagran