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गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे परियोजना के काम में आई तेजी, जल्द शुरू होगा जमीन अधिग्रहण 

Published: Mon, 17 Aug 2026 05:33 PM (IST)

गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत बलरामपुर में अंडरपास स्थलों पर मिट्टी की जांच तेज हो गई है। तकनीकी टीमें पानी और बालू की परत का पता लगा रही हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. एक्सप्रेस-वे अंडरपास स्थलों पर मिट्टी की जांच तेज।

  2. तकनीकी टीम पानी और बालू की परत का पता लगा रही।

  3. भूमि अधिग्रहण धान की फसल कटने के बाद होगा।

संवाद सूत्र, बलरामपुर। गोरखपुर–शामली एक्सप्रेस-वे परियोजना के तहत तहसील क्षेत्र में निर्माण की तैयारियां तेज हो गई हैं। एक्सप्रेस-वे निर्माण एजेंसी द्वारा प्रस्तावित अंडरपास स्थलों पर मिट्टी की जांच कराई जा रही है। तकनीकी टीम यह पता लगा रही है कि जमीन के भीतर किस गहराई पर पानी और बालू की परत मिल रही है, ताकि अंडरपास निर्माण की उपयुक्त डिजाइन तैयार की जा सके।

जानकारी के अनुसार जहां-जहां ग्रामीण संपर्क मार्ग एक्सप्रेस-वे को पार करेंगे, वहां अंडरपास बनाए जाने की योजना है। वर्तमान में खरदौरी, नंदमहरा, तिलहर, कोहनिया, पचौथा चंदापुर, केतारपुर, अल्लानगर फगुइया, पाली-पाला बरायल, पचपेड़वा मार्ग पर मोहनजोत के पास तथा परसौना गांव के आसपास प्रस्तावित अंडरपास स्थलों पर मिट्टी परीक्षण का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों ने बताया कि फिलहाल केवल अंडरपास वाले स्थानों पर ही मिट्टी की गुणवत्ता और भूगर्भीय स्थिति की जांच की जा रही है।

धान की फसल कटने के बाद शुरू होगी मुआवजा वितरण की कार्रवाई

एक्सप्रेस-वे की जद में आने वाले खेतों के किसान मस्सू खां ने बताया कि अभी तक केवल मिट्टी की जांच कराई गई है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। जानकारी मिली है कि धान की फसल कटने के बाद अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की कार्रवाई शुरू हो सकती है।

स्थानीय निवासी अतीक अहमद खान ने बताया कि उतरौला क्षेत्र का हिस्सा परियोजना के दूसरे चरण में रखा गया है। इसी कारण यहां अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण के अंतर्गत कई स्थानों पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि मिट्टी परीक्षण शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में परियोजना को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

उपजिलाधिकारी योगेन्द्र शरण शाह ने बताया कि भूमि अधिग्रहण सहित अन्य प्रक्रियाएं शासन और उच्चाधिकारियों के निर्देश के अनुसार कराई जाएंगी। फिलहाल तकनीकी सर्वे और प्रारंभिक परीक्षण का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्देश प्राप्त होते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।

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