बलरामपुर : पर्यावरण को हरा-भरा रखने की सरकार की मंशा जिम्मेदारों की लापरवाही से परवान नहीं चढ़ पा रही है। 15 अगस्त को वृहद पौधरोपण मुहिम चलाकर कोरम तो पूरा कर लिया गया, लेकिन इसके बाद लगाए गए पौधों का हाल जानना भी अफसरों ने मुनासिब नहीं समझा। नतीजा अधिकांश पौधे खाद-पानी के अभाव में सूख गए। जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति अफसरों के जिम्मेदारी को उजागर कर रहे हैं।

उतरौला तहसील क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस पर अभियान चलाकर जगह-जगह पौधे लगाए तो गए, लेकिन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली। तहसील व विकास खंड परिसर में लगे अधिकांश पौधे देखभाल के अभाव में सूख गए हैं। वहीं सड़क किनारे कई जगहों पर अब केवल ट्रीगार्ड ही बचे हैं। लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी इरशाद अहमद गद्दी का कहना है कि वृहद पौधरोपण अभियान के नाम पर अफसर केवल फोटो ¨खचवाकर आंकड़े उपलब्ध कराने तक ही सीमित रहे। पौधे लगाने के बाद उनके देखभाल की जिम्मेदारी लेना मुनासिब नहीं समझा। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण का दावा हवाई साबित हो रहा है। एसडीएम उतरौला जेबी ¨सह का कहना है कि पौधों की सुरक्षा व बराबर देखभाल करने का निर्देश दिया जाएगा। जहां पौधे सूख गए हैं, वहां पुन: पौधरोपण कराया जाएगा।

Posted By: Jagran