यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ठंड का कहर, 10 पहुंचे अस्पताल

बलरामपुर : पिछले कई दिनों से चल रही शीतलहरी व सर्द हवाओं ने अब असर दिखाना शुरू कर दिया है। ठंड व कोल्ड डायरिया से पीड़ित 10 लोग अस्पताल पहुंच गए हैं।
जिला अस्पताल में ठंड लगने से उल्टी-दस्त से पीड़ित फुलवरिया बाईपास निवासी सावित्री, देहात कोतवाली क्षेत्र के पाल्हनकुईयां निवासी फूलचंद शुक्ल, बलुआ-बलुई निवासी अनीता पुत्री राम बरन, घुघलूपुर निवासी उमा देवी पत्नी शीतला प्रसाद तिवारी व श्याम बहादुर पुत्र निर्माण सिंह को भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात ठंड लगने से इनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें परिवारीजनों द्वारा आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सक के अनुसार मरीज ठंड लगने से बीमार हैं।
गैंड़ासबुजुर्ग संवादसूत्र के अनुसार हवा के साथ बढ़ी ठंड छोटे बच्चों के लिए घातक साबित हो रही है। पिछले दो दिनों में पांच बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित होकर अस्पताल पहुंच रहे है। पीड़ित बच्चों में गुड्डू, बंटी, शोभित, राजा व बबली शामिल हैं। यह सभी बच्चे दो वर्ष से आठ वर्ष के बीच के हैं। उतरौला सीएचसी में कार्यरत डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि इन दिनों अस्पताल आ रहे अधिकांश बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को विशेष रूप से ठंड से बचाने के उपाय करने चाहिए। बताया कि बच्चों को कोल्ड डायरिया से बचाने के लिए बोतल से दूध न पिलाएं, सिर्फ स्तनपान कराएं। जरूरत हो तो गाय का दूध उबालकर हल्का गर्म करके दें। बच्चों को ठंड हवा से बकें। बच्चों को गर्म कपड़े, रजाई में ठीक से ढककर लिटाए, तेज धूप निकलने पर ही बाहर निकाले, सूती, गर्म कपड़ों को छोड़कर सिंथेटिक पालिस्टर कपड़े न पहनाएं।
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