सीएमओ रोज सुनेंगे 10 मरीजों की ‘उलाहना’

बलरामपुर : सरकारी चिकित्सालयों में कम होते मरीजों व तीमारदारों के उठते विश्वास को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अब नई पहल शुरू करने जा रहा है। प्रतिदिन जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लौटे मरीजों का फोन नंबर व पता समेत सूची मुख्य चिकित्साधिकारी व अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को भेजी जाएगी। इस सूची में वह 10 लोगों को चयनित कर उनसे फोन कर बात करेंगे। सीएमओ व एसीएमओ मरीज से दवाएं व जांच मुफ्त में मिलने या न मिलने, चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार तथा अस्पताल की सफाई समेत अन्य सुविधाओं की टोह लेंगे। साथ उनकी उलाहना व सराहना सुनेंगे। मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए उसकी गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए वह संबंधित अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधीक्षक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी को उसकी खामियों से अवगत कराएंगे। जिला व ब्लाक स्तरीय अस्पतालों में प्रतिदिन आने वाले मरीज : जिला संयुक्त चिकित्सालय-650 जिला मेमोरियल अस्पताल-400 जिला महिला चिकित्सालय-450 बलरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र -300 उतरौला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र -240 तुलसीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्-250 पचपेड़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-150 श्रीदत्तगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-80 गैड़ास बुजुर्ग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-90 रेहरा बाजार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र -110 गैसड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र-100 जिला मुख्यालय के तीनों अस्पतालों में प्रतिदिन डेढ़ हजार लोग अस्पताल आते हैं। इसके अलावा नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 1500 से अधिक लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। इन अस्पतालों में कहीं चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार असंतोषजनक होता है तो जांच की सुविधा न होने व दवाओं की किल्लत मरीजों दर्द बढ़ा देती है। व्यवस्था सुधारने का होगा प्रयास: सीएमओ मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुशील कुमार का कहना है कि शासन की यह सराहनीय पहल है। इसका अनुपालन करते हुए प्रतिदिन अस्पतालों से लौटे मरीजों का फीड बैक लेकर वहां की व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही अपर चिकित्साधिकारियों को भी निर्देशित किया जाएगा कि वह भी प्रतिदिन अस्पताल से लौटे मरीजों का फीडबैक लेकर उसकी रिपोर्टिंग करें।

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