यूपी में पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा मंच, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत हुनरमंदों को दी जाएगी ट्रेनिंग
बलरामपुर में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 850 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण मिलेगा। हलवाई और धोबी ट्रेड के अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 20 व 21 अगस्त को आयोजित किए जाएंगे।

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HighLights
विश्वकर्मा योजना से 850 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण।
प्रशिक्षण के बाद आधुनिक टूलकिट और मानदेय।
हलवाई, धोबी ट्रेड के साक्षात्कार 20, 21 अगस्त को।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। बढ़ई, नाई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, सोनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई, मोची एवं धोबी जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों के हुनर को निखारने लिए उद्योग विभाग में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना संचालित है। योजना के चालू वित्तीय वर्ष में
850 ऐसे कारीगरों को 10 दिवसीय निश्शुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत संबंधित ट्रेड के अनुरूप आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत किस्म की टूल किट व चार रुपये मानदेय दिया जाएगा। 20 व 21 अगस्त को हलवाई व धोबी में आवेदन करने कारीगरों का साक्षात्कार किया जाएगा।
उपायुक्त उद्योग रवि प्रकाश शर्मा योजना के अभी तक धोबी में 25 व हलवाई में 150 का लक्ष्य मिला है। हलवाई ट्रेड के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 20 अगस्त व धोबी ट्रेड का 21 को सुबह 11 बजे से कार्यालय जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र में किया जाएगा।
चयनित लाभार्थियों को संस्था नामित होने पर प्रशिक्षण दिलाकर टूलकिट उपलब्ध कराया जाएगा। संबंधित अभ्यर्थी निर्धारित तिथि, पर अपने मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में प्रतिभाग कर सकते है।
बताया कि योजना का प्रमुख उद्देश्य बढ़ई, नाई, दर्जी, कुंहार, लोहार, सोनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई, मोची एवं धोबी जैसे पारंपरिक व्यवसायों को आधुनिक तकनीक एवं बेहतर संसाधनों से जोड़कर कारीगरों की कार्यक्षमता, उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
