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मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में नए शैक्षिक सत्र का आगाज, 650 से अधिक छात्रों ने लिया प्रवेश

Published: Wed, 19 Aug 2026 03:58 PM (IST)

बलरामपुर में वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत 44 गांवों का कायाकल्प होगा, जिसमें सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

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HighLights

  1. वाइब्रेंट विलेज योजना से बलरामपुर के 44 गांवों का विकास।

  2. सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं में होगा सुधार।

  3. थारू बाहुल्य सीमावर्ती गांवों को मिलेगा नया स्वरूप।

जागरण संवाददाता, बलरामपुर। मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के नवनिर्मित परिसर में मंगलवार को नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। विश्वविद्यालय के विभिन्न स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों में अब तक 650 छात्र-छात्राएं प्रवेश ले चुके हैं। प्रवेश की अंतिम तिथि 25 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।

कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया कि कई पाठ्यक्रमों में निर्धारित सीटें पूरी हो चुकी हैं। बीएससी एग्रीकल्चर, बीसीए और एलएलएम में छात्र संख्या पूरी हो गई है। बीए में 135 से अधिक, बीएससी में 70 से अधिक, बीकाम में 35 से अधिक, बीएससी एग्रीकल्चर में 120 तथा बीसीए में 95 से अधिक विद्यार्थियों का प्रवेश हो चुका है।

वहीं परास्नातक स्तर पर एलएलएम में 70 से अधिक विद्यार्थियों सहित विभिन्न विषयों में 100 से अधिक छात्र-छात्राएं प्रवेश ले चुके हैं। कहा कि विश्वविद्यालय में ऐसे कई नवाचार आधारित एवं आधुनिक पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, जो देवीपाटन मंडल के विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेंगे।

विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगारपरक एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध कराना है। नए सत्र के साथ मंगलवार से बीसीए, बीकाम, बीएससी एग्रीकल्चर और एलएलएम की ओरियंटेशन कक्षाएं भी शुरू हो गईं। इन कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम, शिक्षण व्यवस्था और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराया जा रहा है

अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है। विभिन्न विषयों में छह अतिथि प्रवक्ताओं की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि अन्य विषयों के लिए चयन प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर ली जाएगी।

विश्वविद्यालय के प्रथम शैक्षिक सत्र को व्यवस्थित, गुणवत्तापूर्ण और सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता दोहराई। मौके पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह मौजूद रहे।

सीमावर्ती गांव के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत जिले में तेजी से काम शुरू हो गया है। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने 44 गांवों में 26 सीसी सड़क निर्माण की परियोजना अपलोड की है। इससे गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

वर्तमान में गांवों तक पहुंच मार्ग सुगम नहीं हैं। बिजली विभाग सभी गांवों में बेहतर आपूर्ति करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। अतिरिक्त ऊर्जा विभाग, यूपी नेडा गांवों में सोलर पैनल लगाने का प्रस्ताव बनाया है। इससे 24 घंटे बिजली मिल सकेगी। मत्स्य विभाग ने एक गांव में मछली हब विकसित करने की योजना अपलोड की है ताकि मत्स्य पालकों की आय बढ़े।

इसी तरह पशुपालन विभाग हर क्षेत्र में वेटरनरी अस्पताल, एग्रीकल्चर भवन और एंबुलेंस की सुविधा देने का प्रस्ताव है। बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत, फर्नीचर, फिनिशिंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं की परियोजना तैयार की है। इससे विद्यालय भवनों के साथ छात्रों को बेहतर शैक्षिक वातारण मिलेगा।

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स्वास्थ्य विभाग ने पचपेड़वा के बिशनपुर विश्राम स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को एफआरयू में अपग्रेड करने का प्रस्ताव किया है। इससे थारू बाहुल्य गांव के लोगों को आपातकालीन सेवाएं 24 घंटे मिल सकेंगी।

44 ग्राम पंचायतें ज्यादातर थारू बाहुल्य हैं। अभी तक आठ विभागों ने परियोजनाएं अपलोड की हैं। कृषि, उद्यान, आइटी, बैंकिंग और आजीविका से जुड़े अन्य विभाग भी अपनी योजनाएं अंतिम रूप देकर जल्द पोर्टल पर अपलोड करेंगे। सभी प्रस्तावों को शासन से मंजूरी के बाद चरणबद्ध तरीके से काम शुरू किया जाएगा। योजना पूरी होने पर सीमा क्षेत्र के गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी।

विजय शंकर, जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी