11 साल से घर बैठे वेतन उठा रहीं मैडमजी, अब होंगी निलंबित, बीईओ-लिपिकों पर भी कार्रवाई तय
बलरामपुर में कई शिक्षक वर्षों से स्कूल नहीं आ रहे हैं, लेकिन खंड शिक्षा अधिकारियों और लिपिकों की मिलीभगत से उनका वेतन लगातार निकल रहा है।

शिक्षा क्षेत्र श्रीदत्तगंज के प्राथमिक विद्यालय अहिरनडीह की उपस्थिति पंजिका।
श्लोक मिश्र, बलरामपुर। बेसिक शिक्षा विभाग का खेल निराला है। परिषदीय विद्यालयों में तैनात कई गुरुजन विद्यालय आकर बच्चों को पढ़ाना आवश्यक नहीं समझते। खंड शिक्षा अधिकारियों की मेहरबानी से शिक्षक घर बैठे वेतन उठा रहे हैं।
श्रीदत्तगंज के प्राथमिक विद्यालय अहिरनडीह की शिक्षिका कंचन गुप्ता लंबे समय से विद्यालय नहीं आ रही हैं। उनका वेतन घर बैठे निकल रहा है।
इसी तरह हरैया सतघरवा उच्च प्रावि देवपुरा, प्राथमिक विद्यालय लंबीकोहल व प्रावि गंजड़हवा की शिक्षिकाएं नौकरी मिलने के बाद से विद्यालय में झांकने तक नहीं आईं। अभिभावक, ग्रामीण व प्रधान आदि उन्हें पहचानते तक नहीं हैं। वहीं तुलसीपुर के प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर में तैनात शिक्षक के स्थान पर ही बाहरी व्यक्ति एवजी पर बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
ऐसे निकलता रहा शिक्षिकाओं का वेतन
बात शुरू करते हैं श्रीदत्तगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अहिरनडीह से। यहां तैनात सहायक अध्यापक कंचन गुप्ता कई वर्षों से विद्यालय नहीं आ रहीं हैं। फिर भी प्रधानाध्यापक व विभागीय लिपिक की मिलीभगत से उनकी उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर होने के साथ ही वेतन निकलता रहा।
बीते दिनों अगस्त की उपस्थिति पंजिका पर उनके हस्ताक्षर नहीं थे। गत दिनों बीईओ अशोक कुमार पाठक ने विद्यालय का निरीक्षण भी किया था। बावजूद इसके उनका संपूर्ण वेतन भुगतान कर दिया गया।
स्पष्ट है कि पंजिका पर एक साथ पूरे माह के हस्ताक्षर बनाए गए और उपस्थिति भी लाक कर दी गई। मामला जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के संज्ञान में आने पर उन्होंने निलंबन की बात कही है।
2015 से निकल रहा वेतन
हरैया सतघरवा के प्रावि लंबीकोहल में तैनात शिक्षिका सोनिका व प्रावि गंजड़हवा की शिवांगी शुक्ला की तैनाती 31 दिसंबर 2015 को हुई थी। तबसे इन शिक्षकों का वेतन तो बराबर निकल रहा है, लेकिन मैडम स्कूल में झांकने तक नहीं गईं।
11 वर्ष की अवधि के मध्य खंड शिक्षा अधिकारी कपिल देव दुबे, रणजीत कुमार, अब्दुल हकीम, राजेश कुमार, रमेश चंद्र मौर्य, सियाराम वर्मा व वर्तमान में शमशेर सिंह राणा की तैनाती है। अब तक किसी बीईओ ने संबंधित शिक्षकों की सुधि लेना जरूरी नहीं समझा।
ग्रामीणों ने लगातार शिकायत की, लेकिन अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगा। इसी तरह उच्च प्रावि देवपुरा की शिक्षिका सौम्या जायसवाल एवं प्रावि देवपुरा की शिक्षिका नेहा वर्मा भी काफी समय से विद्यालय से अनुपस्थित चल रहीं हैं।
यहां एवजी पर पढ़ा रहा शिक्षक
तुलसीपुर के प्राथमिक विद्यालय कल्याणपुर में तैनात शिक्षक निजामुद्दीन लंबे समय से गायब हैं। इनकी जगह सद्दाम नाम की व्यक्ति एवजी पर बच्चों को पढ़ा रहा है। विभागीय लिपिक की मेहरबानी से लगातार वेतन निकल रहा है।
निलंबन के साथ होगी एफआईआर
शिक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले शिक्षकों को बख्शा नहीं जाएगा। विद्यालय न आने वाले शिक्षकों को निलंबित किया जाएगा। साथ ही इनका हस्ताक्षर बनाकर सहयोग करने वालों के विरुद्ध भी विभागीय जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-विकास चंद्र श्रीवास्तव, बीएसए
