नीरज मिश्र, श्रीदत्तगंज (बलरामपुर) :

जिले में राजस्व विभाग के अधिकारी बेलगाम हो चुके हैं। इनकी मनमानी के आगे ब्लाक व तहसील के अधिकारी भी बेबस नजर आ रहे हैं।

क्षेत्र के बिथरिया परसपुर गांव में करीब 18 वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बने सामुदायिक भवन को लेखपाल ने बिना आदेश के ही ढहा दिया। अब अपनी गर्दन बचाने के लिए नीलामी कराने की बात कही जा रही है।

वहीं उपजिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी ने मामले की जानकारी से इन्कार किया है।

विकास का खाका खींचने के लिए गांवों में पंचायत भवन की नींव रखने के लिए निर्माण युद्ध स्तर पर शुरू करने का फरमान जारी किया गया है। इसकी आड़ में बिथरिया परसरपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि तुलसीरम ने गांव में बने जर्जर सामुदायिक भवन को ढहा दिया। ग्रामीणों के मुताबिक सामुदायिक भवन के दो कमरों की छत पड़ी थी। बरामदे की छत नहीं डाली गई थी। प्लास्टर नहीं हुआ था। उपयोग व रखरखाव के अभाव में भवन जर्जर हो रहा था। प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि पंचायत भवन बनवाने के लिए लेखपाल व ब्लाक अधिकारियों के कहने पर भवन ढहाया गया है। मजे की बात यह है कि गांव में बने जर्जर भवन की मरम्मत का ख्याल जिम्मेदारों को अब तक नहीं आया। वहीं नए पंचायत भवन के लिए सरकारी बजट को भुनाने के लिए पुराना भवन ढहाने का खेल कर दिया गया। मामला तूल पकड़ता देख अफसर सकते में हैं। लेखपाल राजेंद्र दुबे ने बताया कि नया पंचायत भवन बनना था, इसलिए आनन-फनन में भवन गिरवा दिया गया है।

नीलामी प्रक्रिया बाद में की जाएगी। बीडीओ अशोक कुमार दुबे ने बताया कि राजस्व विभाग का मामला है। मेरे स्तर से भवन ढहाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। एसडीएम उतरौला डा. नगेंद्र नाथ यादव ने बताया कि जानकारी नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran