नहीं थम रही इलाज में लापरवाही, जिम्मेदार छिपा रहें मौतें

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संवादसूत्र, बलरामपुर : संयुक्त अस्पताल का एल-टू हास्पिटल संक्रमितों के लिए कब्रिस्तान साबित हो रहा है। करीब 15 दिन से यहां लगातार मौतें हो रही हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अफसर व्यवस्था सुधारने के बजाए मौतों के आंकड़े छिपा कर मामले की लीपापोती में जुटे हुए हैं।

गुरुवार को यहां श्रीदत्तगंज क्षेत्र की जगरानी समेत तीन लोगों ने दम तोड़ दिया, लेकिन लापरवाह अस्पताल प्रशासन ने केवल दो लोगों के ही मौतों की पुष्टि कर जिम्मेदारी पूरी कर ली। यहां इलाज की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मरीजों के परिवारीजन अस्पताल सामने डेरा डाले हुए हैं। अंदर भर्ती मरीज से मिलने की इजाजत नहीं है, जैसे ही कोई कर्मी निकलकर मरीज का नाम लेकर तीमारदारों को बुलाता है वैसे ही मरीजों के परिवारीजन रोना शुरू कर देते हैं। यहां इलाज में लापरवाही को लेकर कई बार मरीज नाराजगी जता चुके हैं, लेकिन फिर भी स्थिति नहीं संभल रही है। गुरुवार को भी महिला के परिवारीजन डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते दिखे तो अस्पताल प्रशासन ने मृतकों की सूची से उसका नाम ही गायब कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा.विजय बहादुर सिंह ने बताया कि सोमवार को सिविल लाइन निवासी दिनेश नारायण पांडेय को चार मई को संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। गैंसड़ी के गोठवा निवासी रामपाल सिंह एक मई को जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। बुधवार को दम तोड़ दिया। इसके अलावा अन्य किसी के मृत्यु की सूचना नहीं है। उधर 95 पाजिटिव मिले हैं जबकि संक्रमित चल रहे 98 लोग स्वस्थ हो गए। 77 स्थानों पर मिले नए सभी संक्रमितों को होम आइसालेट कर इनके संपर्क में आए लोगों की तलाश की जा रही है। अब तक 5686 पाजिटिव मिल चुके हैं। इनमें 83 की मौत हो गई। 4456 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। 1147 केस एक्टिव हैं।