बलरामपुर के लौकहवा डिप पर पुल निर्माण को मिली वित्तीय मंजूरी, दो लाख आबादी को मिलेगा सीधा लाभ
बलरामपुर के तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र में लौकहवा डिप पर पुल निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। 10.55 करोड़ की ...और पढ़ें

लौकहवा डिप पर आवागमन करते ग्रामीण -जागरण आर्काइव
HighLights
लौकहवा डिप पुल निर्माण को मिली वित्तीय स्वीकृति।
दो लाख से अधिक आबादी को आवागमन में सुविधा।
बाढ़ में मार्ग बंद होने की समस्या से मिलेगी निजात।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए अच्छी खबर है। हरिहरगंज–ललिया–बनकटवा अन्य जिला मार्ग पर जनमेजय सिंह के भट्ठे के निकट स्थित लौकहवा डिप पर बहुप्रतीक्षित पुल के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इस पुल के बनने से वर्षों पुरानी मांग पूरी होगी।
साथ ही दो लाख से अधिक लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। राप्ती नदी और पहाड़ी नालों में बाढ़ आने पर डिप पर पानी भार जाता है। हरैया सतघरवा, ललिया समेत अन्य गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट जाता है। पुल बनने से बाढ़ में मार्ग बंद होने की समस्या से निजात मिल जाएगी। सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ला ने क्षेत्र की इस प्रमुख समस्या के समाधान के लिए शासन स्तर पर लगातार प्रयास एवं प्रभावी पैरवी की। विधायक के प्रस्ताव पर लोक निर्माण विभाग तथा उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने परियोजना का प्रारंभिक विस्तृत आगणन तैयार किया गया। पुल, एप्रोच और सुरक्षा प्रबंधन के लिए अनुमानित लागत 10 करोड़ 55 लाख 38 हजार है।
31 अगस्त 2026 को आयोजित व्यय वित्त समिति की बैठक में परियोजना को वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई। प्रस्तावित पुल की कुल लंबाई 80.08 मीटर तथा चौड़ाई 7.50 मीटर होगी। परियोजना के अंतर्गत सेतु के दोनों ओर 200-200 मीटर लंबे पहुंच मार्ग के साथ आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे।
डिप पर पानी भरने से बंद हो जाता है मार्ग
लौकहवा डिप पर कोई नदी नहीं है, लेकिन वर्षा ऋतु के दौरान आसपास के विभिन्न नालों का पानी एकत्रित होने तथा सड़क के ऊपर से जल प्रवाह होने के कारण मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है।
डिप पर पानी भरने के दौरान राहगीरों, छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय निवासियों के लिए सड़क पर पानी की गहराई का अनुमान लगाना कठिन होता है, जिससे दुर्घटना एवं जनहानि की आशंका भी बनी रहती है।
यह मार्ग हरिहरगंज, ललिया, शिवपुर, बनकटवा और बरदौलिया सहित आसपास के अनेक गांवों के लिए जीवनरेखा के रूप में कार्य करती है।
प्रभावित नहीं होंगी सेवाएं
बारिश के समय डिप पर पानी भरने से मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
सामान्य दिनों में लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं, लेकिन बारिश के दौरान लौकहवा डिप पर पानी भरने और मार्ग बंद होने की स्थिति में स्थानीय निवासियों को बलरामपुर जिला मुख्यालय आने-जाने के लिए लगभग 70 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है।
पुल बनने से ललिया, हरिहरगंज, शिवपुरा, बनकटवा और वरदौलिया सहित आसपास के दर्जनों गांवों की लगभग दो लाख आबादी को सीधा लाभ मिलेगा।
परियोजना को व्यय वित्त समिति की बैठक में वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में प्रशासकीय स्वीकृति जारी किए जाने की प्रक्रिया प्रचलित है। प्रशासकीय स्वीकृति शीघ्र मिल जाएगी। शासनादेश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई करते हुए निर्माण प्रारंभ कराया जाएगा।
-रोहित अग्रवाल, उप परियोजना प्रबंधक, सेतु निर्माण इकाई
