बलरामपुर: आयुष्मान भारत के स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत प्रशिक्षण की शुरुआत में ही घोटाले की बू आने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में अधिकांश ब्लाक संसाधन केंद्रों पर चल रहे प्रशिक्षण में प्रशिक्षक व प्रशिक्षार्थी के भोजन व नाश्ते पर 100 रुपये का बजट रखा गया है, लेकिन नाश्ता तो दूर भोजन तक भरपेट नहीं मिल रहा है।

सबसे पिछड़े क्षेत्र के पचपेड़वा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से। 13 सितंबर से सीएचसी के माध्यम से ब्लाक संसाधन केंद्र पर 44 शिक्षकों को डा. आरके सिद्धार्थ व खंड शिक्षा अधिकारी रामू प्रसाद प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण में शामिल स्वच्छता एवं कल्याण दूत बने गुरुजी को पांच पूड़ी थमा कर बजट डकारा जा रहा है।

शिक्षक कर रहे शिकायत:

प्रशिक्षण ले रहे शिक्षक दिनेश सोनी, मयंक यादव, चंद्रकिरण, अमन कुमार ने बताया कि केवल पांच पूड़ी व सब्जी का डिब्बा थमा दिया जाता है, जिससे पेट नहीं भरता। विमल कुमार, पुष्पेंद्र, अफसरी बेगम ने बताया कि चाय व नाश्ता तो दूर भरपेट भोजन ही मिलना मुश्किल है।

वहीं, गैंसड़ी ब्लाक संसाधन केंद्र पर 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। यहां प्रशिक्षण में शामिल राकेश मिश्र, सुरेंद्रनाथ, चंद्रभान, मंगल चंद गुप्त, राघवेंद्र सिंह शिवाजी, संतोष कुमार गुप्त, आलोक प्रताप सिंह ने बताया कि सुबह-शाम चाय, एक पीस मिठाई व डिब्बा बंद पानी के साथ मात्र पांच पूड़ी व सब्जी दी जा रही है।

यही हाल जिले के अन्य ब्लाकों में चल रहे प्रशिक्षण का है, जहां चाय-नाश्ते व भोजन का बजट डकारने की तैयारी है। तीन दिन से भरपेट भोजन न पाने के चलते प्रशिक्षण ले रहे स्वच्छता एवं कल्याण दूत बने गुरुजी खुद ही बीमार होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा.सुशील कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण में शामिल गुरुजी के लिए चाय-नाश्ते व भोजन की व्यवस्था है। इसमें गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Jagran