बलरामपुर :

उप संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत सौ से अधिक निजी व व्यावसायिक वाहन बिना फिटनेस के सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इसमें कई ऐसे वाहन भी हैं, जिनका फिटनेस एक-दो वर्ष पहले ही समाप्त हो चुका है। बावजूद इसके गाड़ियां चालक, यात्री व राहगीरों के लिए मौत दूत बन दौड़ रही हैं। इनका दोबारा फिटनेस न होने से परिवहन विभाग को प्रतिवर्ष लाखों का चूना लग रहा है, लेकिन जिम्मेदार दोषी वाहन स्वामियों पर कार्रवाई से कतरा रहे हैं।

जिला मुख्यालय से श्रीदत्तगंज, उतरौला, कौवापुर, महराजगंज तराई, महमूदनगर, हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैंसड़ी, पचपेड़वा, ललिया, शिवपुरा मार्गाें पर दौड़ रही टैक्सी, टैंपो व बस खस्ताहाल हैं। अधिकांश बसों के शीशे गायब हैं। डग्गामार वाहन अक्सर दुर्घटना का सबब बन जाते हैं। उप संभागीय परिवहन अधिकारी अरविद यादव का कहना है कि वाहन चालकों को फिटनेस के लिए नोटिस जारी की जाती है। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। नेवादा से लौकिया ताहिर जाने वाली सड़क बदहाल

सादुल्लाहनगर (बलरामपुर) :

नेवादा से लौकिया ताहिर को जाने वाली सड़क गड्ढे में तब्दील है। करीब सात किलोमीटर तक सड़क की गिट्टियां उजड़ गई हैं। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। सड़क के नुकीले पत्थर लोगों को चोटिल कर रहे हैं। वाहन के टायर पंचर हो जाते है।

नवनीत, प्रज्ञान ओझा, मुकेश, सनाउल्लाह, किताबुल्लाह, उस्मान व जब्बार ने बताया कि सड़क के गड्ढों में बारिश होने पानी भर जाता है। इससे लोगों को निकालने में दिक्कत होती है। गांव तक एबुंलेंस नहीं पहुंच पाती है। बावजूद इसके जिम्मेदार सड़क मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठा रहे है। उपजिलाधिकारी उतरौला डा. नागेंद्र नाथ यादव का कहना है कि संबंधित विभाग ने सड़क मरम्मत के लिए बजट की मांग की है।

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