बलरामपुर: जिले में 30 करोड़ से अधिक बिजली का बिल बकाया है। इसे वसूलने में विभागीय अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। इस देनदारी में बड़ा हिस्सा सरकारी विभागों का है। यहां 20 करोड़ से अधिक का बिजली बिल लंबित है। वहीं, कामर्शियल व घरेलू उपभोक्ताओं पर बकायेदारी 10 करोड़ से अधिक है।

अभियान के नाम पर विभागीय अधिकारी छोटे बकायेदारों का कनेक्शन काटकर पीठ थपथपा लेते हैं। सरकारी विभागों व बड़े बकायेदारों पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। यही वजह है कि एकमुश्त समाधान समेत अन्य योजनाएं संचालित होने के बाद भी रिकवरी में तेजी नहीं आ रही है।

इन विभागों पर है बड़ी बकायेदारी:

जिले में बिजली बिल जमा न करने वालों में पहला नाम जिला प्रशासन (कलेक्ट्रेट) का है। यहां पांच करोड़ 44 लाख का बिजली बिल बाकी है। जिम्मेदार इसकी वसूली करने की हिम्मत नहीं उठा पा रहे हैं। वजह, यहीं जिले की मुखिया डीएम बैठती हैं।

वहीं, बकायेदारों की सूची में दूसरा नाम माध्यमिक शिक्षा विभाग है, जिस पर चार करोड़ 32 लाख की बकायेदारी है। इसी तरह बेसिक शिक्षा विभाग पर एक करोड़ 86 लाख, जल निगम में एक करोड़ 67 लाख व एलोपैथिक चिकित्सा में एक करोड़ 28 लाख समेत 32 विभागों पर 20 करोड़ 57 लाख 85 हजार बाकी है।

इन बकायेदारों से नहीं हुई वसूली:

कामर्शियल बड़े बकायेदारों में सर्वाधिक उपभोक्ता रेहराबाजार के शामिल हैं। इनमें एक पर 164441 रुपये, दूसरे पर 163233 व तीसरे पर 161798 रुपये बकाया है। उतरौला में 162785, पचपेड़वा में 161433, मथुरा बाजर में 160789, बिशुनपुर में 159964, 159940, 158986 व औरहवा निवास उपभोक्ता पर 159731 रुपये की बकायेदारी है। इन बकायेदारों से बिजली बिल वसूल करने में विभागीय अधिकारियों को पसीने छूट रहे हैं।

लगातार की जा रही वसूली:

अधिशासी अभियंता बालकृष्ण का कहना है कि बकाया बिजली बिल वसूल करने के लिए लगातार सरकारी विभागों से संपर्क किया जा रहा है। कुछ विभागों ने पैसा भी जमा किया है। कामर्शियल व घरेलू उपभोक्ताओं से भी लगातार बिजली बिल की वसूली की जा रही है।

Edited By: Jagran