बलरामपुर: जिले की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। गुणवत्ताविहीन ट्रांसफार्मरों के कारण उपभोक्ताओं को रोजाना कई घंटे बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। आलम यह है कि हल्का सा लोड बढ़ते ही ट्रांसफार्मर जवाब दे जाते हैं। इससे लोगों को घंटों बिजली कटौती के चलते गर्मी में परेशान होना पड़ता है। वहीं, सदर विधायक पल्टूराम व जिलाधिकारी श्रुति के सख्त रुख अपनाने के बाद भी बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली नहीं सुधर रही है। इससे उपभोक्ताओं की समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।

18 घंटे बिजली को तरसे धुसाह के लोग:

नगर से सटे छोटा धुसाह में लगा ट्रांसफार्मर बीते दिनों जल जाने के कारण ट्राली ट्रांसफार्मर के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही थी। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात बजे विद्युत विभाग ने नगर कोतवाली को निर्बाध बिजली दिलाने के लिए ट्राली हटवाकर 100 केवीए का गुणवत्ताविहीन ट्रांसफार्मर लगवा दिया। नतीजा, बिजली आपूर्ति बहाल होते ही लो-वोल्टेज का शिकार हो गया। इससे पंखे तक नहीं चल सके।

उपभोक्ताओं ने अवर अभियंता प्रियदर्शी तिवारी को फोन मिलाना शुरू किया, तो उन्होंने मोबाइल स्विच आफ कर लिया। वहीं, उपखंड अधिकारी योगेश कुमार सिंह ने एक घंटे में वोल्टेज सही होने का आश्वासन दिया। लोग रात भर इंतजार करते रहे, लेकिन वोल्टेज ठीक नहीं हुआ। रात भर गर्मी से परेशान होने के बाद सुबह मोटर न चलने से लोग पानी को भी तरसते रहे। दोपहर करीब दो बजे पुन: ट्रांसफार्मर बदलने के बाद आपूर्ति बहाल हुई। यहां भी जारी रही बिजली कटौती:

नगर के पहलवारा मुहल्ले में शनिवार की शाम लाइन फाल्ट के कारण लोग घंटों बिजली को तरसते रहे। नगर कोतवाली के सामने लगा ट्रांसफार्मर जल जाने से नौशहरा, चिकनी, अलीजानपुरवा समेत अन्य कई मुहल्लों की बिजली गुल हो गई। ट्राली ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इसी तरह भंडारखाना व पूरबटोला मुहल्लों में भी लाइन फाल्ट होने से लोग गर्मी से बिलबिलाते रहे। रात में करीब तीन बजे बिजली गुल होने से लोगों की नींद उड़ गई। दोपहर में बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। गुणवत्ता जांचने का दिया निर्देश:

-अधीक्षण अभियंता ललित कुमार का कहना है कि नए ट्रांसफार्मर लोड देते ही जल जाते हैं। वर्कशाप के अवर अभियंता को ट्रांसफार्मरों की गुणवत्ता जांचने का निर्देश दिया गया है।

Edited By: Jagran