बलरामपुर: उतरौला क्षेत्र के परसौना गांव के मजरे तैयबपुर में नदी में बहकर आई 10 गायों की दलदल में फंसकर मौत हो गई। राज्य आपदा मोचन बल व ग्रामीणों ने 30 गायों को सुरक्षित निकाल लिया है। मृतगोवंशों की सुधि लेना अफसरों ने मुनासिब नहीं समझा।

बताया जाता है कि सिद्धार्थनगर जनपद से बेसहारा गोवंशों को नदी में खदेड़ दिया गया। जो बहकर यहां पहुंच गई। परसौना गांव के पास नौखान के गहरे दलदल में फंसने के कारण 10 गोवंशों की जान चली गई। अभी 35 से अधिक गोवंश दलदल में फंसे हुए हैं। तहसीलदार को सूचना देने के बाद कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण गायों को दलदल से निकालने की जुगत भिड़ा रहे हैं।

परसौना गांव निवासी शाहबाज खान ने बताया कि गांव के निकट स्थित राप्ती नदी के नौखान में गायों को फंसा देखा। गांव के सऊद आलम, असगर अली, मोहम्मद शाकिर, इसराइल, कासिम अली, बच्चाराम, राम अवतार, सहेजू यादव व कल्लू की मदद से दलदल में फंसी करीब 30 गायों को बाहर निकाला। 10 गायों की फंसकर मौत हो चुकी है। 35 गोवंश अभी दलदल में फंसे हैं।

बताया कि गायों को सकुशल बाहर निकालने के लिए तहसीलदार उतरौला को फोन पर सूचित किया। उन्होंने कर्मियों को भेजने का आश्वासन तो दिया, लेकिन कोई झांकने तक नहीं आया। दलदल से बाहर निकाली गई गायों के चारा-पानी की व्यवस्था ग्रामीण मिलकर कर रहे हैं। सरकारी मशीनरी की मदद न मिलने से दलदल में फंसी गायों को भी जान गंवानी पड़ सकती है।

स्वस्थ होने पर ही निकालना संभव:

खंड विकास अधिकारी नेहा बंधु का कहना है कि सभी गायों को निकाल लिया गया है। सिर्फ पांच गाय बची हैं जो बीमार या चोटिल हैं। स्वस्थ होने पर ही उनको बाहर निकालना संभव है। पशु चिकित्सकों की टीम लगाई गई है जो गायों का इलाज कर रही है। चारा की भी व्यवस्था कराई गई है।

Edited By: Jagran