बलरामपुर :

²श्य एक : जंगल से सटे हसनापुर गांव में ग्राम पंचायत सचिवालय बने दस साल से अधिक समय हो गया है। बावजूद अभी तक भवन आधा-अधूरा है। भवन का प्लास्टर तक नहीं कराया गया है। ग्रामीण नानबाबू, संजय, संतोष कुमार का कहना है कि भवन में ग्रामीण भूसा,उपला रखने के साथ मवेशियों को बांध रहे हैं।

²श्य दो : भितौरिया कला में ग्राम पंचायत सचिवालय बदहाल है। भवन में भूसा व उपला रखा जा रहा है। पुजारी व दिनेश का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार ने लाखों रुपये की लागत से सचिवालय का निर्माण करवाया था। जो देखरेख के अभाव में निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। खिड़की, दरवाजे व रंगाई पुताई का कार्य तक नहीं कराया गया है।

²श्य तीन : सुगानगर लहेरी का ग्राम पंचायत सचिवालय के भवन का प्लास्टर नहीं हो सका है। सरकारी अभिलेख में सचिवालय चमक रहा है। ग्राम प्रधान ओंकार आर्य का कहना है कि करीब 20 साल से भवन में प्लास्टर, खिड़की व दरवाजा नहीं लग सका है। मयाराम गुप्त का कहना है कि इस सचिवालय में भूसा, पुआल रखने व जानवरों को बांधा जा रहा है।

ये मामले तो बानगी भर है। जिन ग्राम पंचायत सचिवालय में बैठकर गांवों के विकास कार्यों का खाका तैयार किया जाना था, उन ग्राम पंचायतों में उपले रखने का काम किया जा रहा है। मवेशी बांधे जा रहे हैं तो कही पुआल रखा जा रहा है। इनमें अधिकांश अधूरे ग्राम पंचायत सचिवालय भी हैं जो विकास को आइना दिखा रहे हैं। अफसरों ने भी धरातल पर उतरने की कोशिश नहीं की। जिससे ग्राम पंचायत सचिवालयों की बदहाली नहीं दूर हो सकी। अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार शुक्ल ने बताया कि संबंधित अधिकारी से वार्ता कर सचिवालयों की मरम्मत करवाई जाएगी।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran