बलरामपुर : तीन लाख की आबादी की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी महज 59 पुलिस कर्मियों के सहारे है। जबकि 217 पुलिसकर्मियों का पद रिक्त है। ऐसे में तैनात पुलिस कर्मियों को सीमित संसाधनों में काम करने की विवशता है। थाने में एक एसएचओ, 12 उपनिरीक्षक, 41 हेडकांस्टेबल, 222 कांस्टेबल सहित कुल 276 पुलिसकर्मियों के सापेक्ष महज 59 पुलिस कर्मी ही नियुक्त है। जिसमें एक एसएचओ,नौ उपनिरीक्षक, चार हेडकांस्टेबल, 45 कांस्टेबल तैनात हैं। यही नहीं, उनके रहने के लिए बना आवास भी जर्जर है।

करीब एक दशक पहले थाना और आवास का नया भवन बनाया गया था, लेकिन बनने के बाद ही वह जर्जर हो गया। जिसे हैंडओवर करने से विभागीय कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए। वर्ष 1901 में बने जर्जर भवन में रहने को पुलिस कर्मी विवश हैं। एक ही कमरे में दो से तीन पुलिसकर्मी रहने को विवश हैं। कमरों की छत जर्जर है। जरा सी बारिश होने से छत से पानी टपकने लगता है। कमरों मे लगे बिजली के उपकरण खराब हो चुके है। छत से प्लास्टर टूटकर नीचे गिर रहा है। पुलिस कर्मी पालीथिन रखे हुए हैं। तुलसीपुर नगर के अलावा देश के कोने-कोने से शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पर प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, तहसील परिसर, बैंक के साथ-साथ 65 ग्राम पंचायतों की सुरक्षा का जिम्मा संभालने के लिए पुलिस कर्मियों का बेहद अभाव है। प्रभारी निरीक्षक एसके त्रिपाठी ने बताया कि पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की गई है।

Posted By: Jagran

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