बलिया के गोपालनगर टांड़ी में सरयू का कहर, 24 घंटे में तीन मकान नदी में समाए
बलिया के गोपालनगर टांड़ी में सरयू नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हो गया है, जिससे 24 घंटे में ...और पढ़ें

बलिया के गोपालनगर टांड़ी में सरयू नदी का कहर जारी, कई मकान नदी में समाए।
HighLights
सरयू नदी का जलस्तर घटने से कटान तेज हुआ।
24 घंटे में तीन मकान नदी में पूरी तरह समाए।
ग्रामीण प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य की मांग कर रहे।
जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया)। सुरेमनपुर दियरांचल के गोपालनगर टांड़ी में सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ कटान तेज हो गया है। पिछले 24 घंटे में तीन लोगों के मकान पूरी तरह नदी में समा गए, जबकि दो अन्य मकानों के आधे हिस्से कटकर नदी में विलीन हो गए। मकानों के शेष हिस्से नदी किनारे खतरनाक स्थिति में लटके हैं। वहीं, गांव स्थित हनुमान मंदिर का भी आधा हिस्सा नदी में समा गया है।
इससे ग्रामीण दहशत में हैं। सरयू की तेज कटान में मुसाफिर यादव, विजय सिंह और हंसराज यादव के मकान पूरी तरह विलीन हो चुके हैं। संतोष यादव और भुटेली यादव के मकानों के आधे हिस्से कटकर नदी में समा गए हैं। शेष हिस्सों के कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। नदी लगातार आबादी की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों को अपने आशियाने उजड़ने का डर सता रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरयू नदी उपजाऊ जमीन के साथ अब रिहायशी इलाकों और धार्मिक स्थलों के अस्तित्व के लिए भी खतरा बन गई है। कई बार बाढ़ विभाग और स्थानीय प्रशासन से कटान रोकने की गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। लगातार हो रहे नुकसान से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और बाढ़ विभाग से मौके पर पहुंचकर कटान की स्थिति का जायजा लेने तथा तत्काल बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी उपाय नहीं किए गए तो कई अन्य मकान भी नदी की चपेट में आ सकते हैं। प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने के साथ गांव को बचाने के लिए स्थाई कटानरोधी परियोजना पर काम करने की मांग भी उठाई गई है।
