जागरण संवाददाता, बलिया : सिकंदरपुर कस्बे के आभूषण व्यवसायी कैलाश चंद प्रसाद के इकलौते पुत्र 13 वर्षीय कृष्णा का सुराग चौथे दिन रविवार को भी नहीं लग सका। अपहरण के मामले की गुत्थी पूरी तरह उलझ गई है। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि घटना के दिन कृष्णा किसी की बाइक पर बैठकर गया था। इसके बाद वापस नहीं लौटा। मामले के खुलासे के लिए एसपी ने पांच टीमों का गठन किया है। साथ ही तीन राजपत्रित अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिस--

कृष्णा गुरुवार की देर शाम करीब आठ बजे घर से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी कहीं सुराग नहीं मिलने पर स्वजनों ने शुक्रवार को अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। शनिवार की देर शाम एसपी राजकरन नय्यर भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने जल्द ही खुलासा करने का भरोसा दिया। एसपी ने आसपास लोगों से पूछताछ कर घटना के बाबत जानकारी ली। पुलिस कस्बे के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। व्यवसायी के रिश्तेदारों व करीबियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

बच्चे को वर्ष 2010 में लिया था गोद--

बेटे के गायब होने से स्वजन काफी परेशान हैं। रविवार को भी घर पर आने-जाने वालों का तांता लगा रहा। सभी मां रंजना देवी और बड़ी बहन बानी को ढांढस बढ़ा रहे थे। वर्ष 2010 में कैलाश ने कृष्णा को गोद लिया था। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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घटना के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में जांच-पड़ताल कर रही हैं। बालक की सकुशल बरामदगी के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। मामले का खुलासा जल्द ही कर लिया जाएगा। --राजकरन नय्यर, एसपी, बलिया।

Edited By: Jagran