जागरण संवाददाता, बलिया: निर्भया के दोषियों की फांसी पर लगी रोक से नाराज होकर किन्नर अनुष्का ने शनिवार की रात अपनी टीम के साथ मालगोदाम रोड स्थित शिव मंदिर में शिव तांडव किया। उनका तर्क था कि फांसी पर लगने वाली बार-बार की रोक से दोषियों का मनोबल बढ़ रहा है। जो पीड़ित परिवार के लिए दोहरा कष्ट दे रहा है।

किन्नर अनुष्का ने कहा कि आखिरकार कब तक दोषी कानूनी पेच का सहारा लेकर मौत को चकमा देते रहेंगे। कुछ ऐसे ही सवाल आज पूरा देश पूछ रहा है। देश की न्यायिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है। निर्भया केस में बार बार फांसी की सजा टलने को लेकर किन्नर समाज में •ाबरदस्त गुस्सा है। ऐसे में अनुष्का किन्नर ने फांसी पर लगी रोक का विरोध अनूठे तरीके से करते हुए शिव मंदिर पहुंच कर शिव तांडव किया। इस दौरान भगवान शिव से प्रार्थना किया कि जो निर्भया को मौत व परिजनों को दर्द देने का एक एक मात्र इलाज मौत की सजा है। आक्रोश इस बात से है कि कभी दया याचिका के नाम पर तो कभी नयी दलीलों के जरिये बार-बार मौत को चकमा देने का काम किया जा रहा है।

किन्नरों ने कहा कि कोर्ट ने एक फरवरी को इन दरिदों को फांसी देने की तिथि मुकरर्र की थी लेकिन एक बार फिर वे सभी न्यायिक व्यवस्था को चकमा दे गए। वहीं आरोपियों के वकील पर भी अनुष्का ने आरोप लगाते हुए कहा कि जनबूझ कर गुनाहगारों को बचाने की कोशिश की जा रही है जो कहीं न कहीं ऐसे मानसिकता के लोगों को बढ़ावा देने वाला साबित होगा। ऐसे वकीलों को भी सजा मिलनी चाहिए जो बहशी दरिदों की मदद करते है। अनुष्का किन्नर का कहना है कि बेटी घर की लक्ष्मी होती है। ऐसे में निर्भया जैसी बेटी के गुनहगारों को फांसी की सजा नहीं बल्कि उनके हाथ पैर काट देने चाहिए। कानून में अब बदलाव की जरुरत है ताकि बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस कर सके और गुनाहगारों के अंदर खौफ पैदा हो।

Posted By: Jagran

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