जागरण संवाददाता, बलिया : जिला अस्पताल में दो दिन पहले जिलाधिकारी भवानी ¨सह खंगारौत के चेतावनी का भी कोई असर नहीं पड़ रहा है। लाख प्रयास के बाद भी अस्पताल प्रशासन अपने रवैए में सुधार नहीं ला रहा है। इमरजेंसी से भर्ती मरीज को स्ट्रेचर न मिलने पर परिजन गोद में टांग कर वार्ड में ले जाने को मजबूर है। कोतवाली क्षेत्र के वजिरापुर निवासी हरदेव चौधरी (95) की तबियत खराब होने पर परिवार के लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने उसे देख भर्ती तो कर लिया ¨कतु स्ट्रेचर नहीं मिला। मजबूर होकर परिजन गोद मे लेकर नए भवन के दूसरे तले के वार्ड में भर्ती करवाया। इस दौरान थक जाने पर बीच-बीच में रखते हुए वे किसी तरह वार्ड तक पहुंचे। मरीज के भाई सुखदेव यादव ने बताया की एक तो हम बाढ़ से तंग है वहीं यहां कोई सुविधा नहीं मिल रही है। --कार्रवाई से मचा एंबुलेस चालकों में हड़कंप

जिला अस्पताल के आसपास खड़े प्राइवेट एंबुलेंस मालिकों और चालकों में पुलिस के कार्रवाई से दिनभर हड़कंप मचा रहा। एंबुलेंस मालिकों ने अस्पताल के बाहर गाड़ी खड़ा करने पर भी चालान करने का आरोप लगाते हुए हड़ताल पर अड़ गए। जिला अस्पताल में दो दिन पहले जिलाधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में खड़ी प्राइवेट एम्बुलेंस देख सीएमएस पर भड़क गए और इन पर कार्रवाई करने के साथ फिर से दिखने पर सीएमएस पर करवाई की चेतावनी दी थी। यह सुन सभी एम्बुलेंस मालिक और चालक इकठ्ठा होकर हड़ताल की धमकी देते हुए मरीजों को न ले जाने की धमकी दे दी और सीएमएस एस प्रसाद और कोतवाल शशिमौली पाण्डेय से आक्रोश व्यक्त करते हुए शिकायत की। जिस पर कोतवाल ने आगे से अस्पताल परिसर के बाहर खड़ी एंबुलेंसों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया।

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