विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

स‍िकंदरपुर विधायक का रिपोर्ट कार्ड : रेल कनेक्टिवटी से अछूता है क्षेत्र, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधा की दरकार

By Lavkush Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 05 Sep 2026 12:42 PM (GMT+05:30)

सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक जियाउद्दीन रिजवी ने विकास कार्यों का ब्योरा दिया, जिसमें सड़कें और बिजली शामिल हैं। हालांकि, ...और पढ़ें

सिकंदरपुर विधानसभा: विकास का रिपोर्ट कार्ड और अधूरी परियोजनाएं।

सिकंदरपुर विधानसभा: विकास का रिपोर्ट कार्ड और अधूरी परियोजनाएं।

HighLights

  1. विधायक ने 200 ग्रामीण सड़कों और बिजली उपकेंद्रों का निर्माण कराया।

  2. रेलवे कनेक्टिविटी, बस अड्डा, खेल कॉलेज जैसी परियोजनाएं अधूरी हैं।

  3. जनता ने बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की मांग की।

जागरण संवाददाता, बल‍िया। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र, जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह क्षेत्र लंबे समय से ग्रामीण राजनीति, जातीय-सामाजिक समीकरणों, किसान मुद्दों और दलगत बदलावों का केंद्र रहा है। इस सीट किसी एक दल का स्थायी गढ़ नहीं रहा। समय-समय पर कांग्रेस, जनता दल, समाजवादी पार्टी, बसपा और भाजपा को समर्थन मिला है।

वर्तमान में यहां से सपा से विधायक जियाउद्दीन रिजवी हैं। इनके मुताबिक क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। इन कार्यों का लाभ क्षेत्र के 105 ग्रामों और हजारों ग्रामीण परिवारों तक पहुंचने की बात कही जा रही है। विधायक निधि से लगभग 200 ग्राम संपर्क सड़कों का निर्माण कराया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बेहतर हुआ है।

क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से किसान मंडी की बाउंड्री वाल का निर्माण शासन से धन स्वीकृत कराकर कराया गया। बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पहराजपुर और गौरा मदनपुरा में दो नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए। इसके अतिरिक्त विधानसभा क्षेत्र में 16 नए ट्रांसफार्मर लगाए गए।

सरयू नदी के कटान की गंभीर समस्या से निपटने के लिए विधायक निधि से लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से ठोकर निर्माण कराया गया। क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानियों और सामाजिक महापुरुषों की स्मृति को सम्मान देने के लिए पहरी जगदरा और पिलोई में प्रवेश द्वारों का निर्माण कराया गया। वहीं काजीपुर स्थित डा. भीमराव आंबेडकर प्रतिमा स्थल के पास सुंदरीकरण कार्य भी कराया गया।

हालांकि क्षेत्र की दो बड़ी परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं। इनमें खरीद-दरौली घाट पर प्रस्तावित पक्का पुल और पूर गांव में प्रस्तावित स्पोर्ट्स कालेज प्रमुख हैं। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास में सड़क, बिजली, नदी कटान नियंत्रण और सामाजिक स्थलों के निर्माण जैसे कार्य महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन लंबित बड़ी परियोजनाओं को पूरा करना अभी भी क्षेत्र की प्रमुख मांगों में शामिल है।

यहां के लोगों का कहना है कि आज भी यह विधानसभा क्षेत्र रेलवे लाइन से अधूरा है। लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए आज भी बलिया के रेलवे स्टेशन पर आना पड़ता है। इसके अलावा बाढ़ की समस्या हर वर्ष भूमि लील रही है। अब तक इस क्षेत्र में बस अड्डे न होने से लोगों को डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।


विधायक बोले

विगत चार वर्षों में विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक गांव को विकास से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जो हमारी मूलभूत परियोजनाएं हैं उनको वर्तमान सरकार द्वारा धन नहीं दिया गया, जिससे यह अधूरी पड़ी हैं। सिकंदरपुर विधानसभा के लिए खरीद-दरौली पक्का पुल का निर्माण व क्षेत्र के पूर गांव में स्पोर्ट कालेज का निर्माण के साथ ही क्षेत्र में 100 बेड के अस्पताल की आवश्यकता है, लेकिन सरकार द्वारा इन तीनों मांगों को बार-बार विधानसभा में उठाए जाने के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। यदि सपा की सरकार बनती है तो विधानसभा क्षेत्र के अधूरी परियोजनाओं को पूरा करेंगे l -जियाउद्दीन रिजवी, सपा विधायक, सिकंदरपुर।


रनर बोले

सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक द्वारा कोई कार्य नहीं कराया गया है केवल समाजवादी पार्टी से विधायक होना ही कहकर हमारी सरकार नहीं है l बताकर पूरे 5 साल आम जनता को गुमराह किया गया है l इस बार अगर मैं विधायक बना तो सिकंदरपुर विधानसभा मैं सभी सुविधाएं उपलब्ध कारइ जायेगी l साथ ही सिकंदरपुर को सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य को लेकर हर सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा l -संजय यादव, पूर्व विधायक, भाजपा, सिकंदरपुर।


बोली जनता

सिकंदरपुर में बस अड्डा, रेलवे और टेक्निकल डिग्री कालेज की बहुत जरूरत है, क्योंकि बच्चों की शिक्षा के लिए आज भी बाहर जाना पड़ता है। सबसे बड़ी बात यह कि यह विधानसभा क्षेत्र आज भी रेल कनेक्टिविट से जुड़ा नहीं है। सिकंदरपुर में युवाओं के लिए और पढ़ने वाले बच्चों के लिए कालेज और आवागमन की सुविधा के लिए ठोस व्यवस्था होनी चाहिए। -उमेश यादव, शिक्षक।

विकास को गति तब मिलती है जब प्रदेश में उस पार्टी की सरकार हो और उसी पार्टी का विधायक हो। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र में विकास को गति उस अनुरूप नहीं मिल पाई है, जिस हिसाब से होना चाहिए। यहां आज भी बेहतर अस्पताल की सुविधा तक नहीं है। थोड़ी सी बारिश में सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। व्यापारी सड़क की बदहाल स्थिति से परेशान हैं। -राकेश जायसवाल, व्यापारी।

10 वर्ष पूर्व स्पोर्टस कालेज के निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन वह अब तक तक धरातल पर नहीं उतर सका है। सिकंदरपुर में साधन की सुविधा बहुत कम है। बस अड्डे का निर्माण अब तक नहीं हो सका है। किसी विद्यार्थी को प्रतियोगी परीक्षा देनी होती है तो बलिया और बेल्थरारोड ही जाकर कोई साधन उपलब्ध हो पता है। - नीतेश कुमार सिंह, युवा।

सिकंदरपुर विधानसभा में विकास के नाम पर कोई कार्य नहीं हुआ है। महिलाओं के लिए भी ऐसी कोई घोषणा या विशेष कार्य नहीं कराया गया जिससे उनके जीवन में बदलाव आ सके। विधानसभा क्षेत्र में महिलाओं के लिए स्किल्स ट्रेनिंग तक की व्यवस्था नहीं है। उन्हें आज भी दूसरे शहरों की ओर रुख करना पड़ता है। - पुनीता सिंह सोनी।

------------------------

सिकंदरपुर विधानसभा

कुल मतदाता-2,82,560

पुरुष मतदाता-1,55,414

महिला मतदाता- 1,27,146