जागरण संवाददाता, बेरुआरबारी (बलिया) : मिड्ढा मोड़ से बसंतपुर विश्वविद्यालय मोड़ तक पिच मार्ग जर्जर हो जाने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने से यह मार्ग लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। छह माह पहले इसकी मरम्मत पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराई गई थी। इसकी गिट्टियां उखड़ गई हैं। आवागमन कठिन हो गया है।

कैथवली निवासी प्रीति सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकार किसी की बने चलती नौकरशाहों की ही है। भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी अपने रवैये को बदलने को तैयार नहीं हैं।

प्रधानाचार्य आशीष सिंह ने कहा कि गांव की प्रगति अच्छी सड़कों से ही संभव है। जबकि क्षेत्र की लिक सड़कों की हालत बदतर है। आज गांव के लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

अंकी मौर्य ने कहा कि इस सड़क की मरम्मत के लिए दर्जनों बार शिकायतें की गईं लेकिन हर बार की तरह केवल अधिकारियों द्वारा कोरा आश्वासन ही मिलता रहा। सबसे ज्यादा कष्ट मरीजों व वृद्ध लोगों को उठाना पड़ रहा है।

देल्हुआ निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य रेखा सिंह ने कहा कि सरकार की गड्ढा मुक्त सड़कों की बात बेमानी है। हालत यह है कि क्षेत्र की कोई भी सड़क ठीक नहीं है।

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