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बलिया सदर विधायक का रिपोर्ट कार्ड : नगर में 4200 करोड़ की परियोजनाओं पर चल रहा काम, सीवर अब भी अधूरा

By Lavkush Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 05 Sep 2026 12:49 PM (IST)

बलिया सदर विधानसभा में विधायक दयाशंकर सिंह के कार्यकाल में ₹4200 करोड़ की परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें मेडिकल कॉलेज ...और पढ़ें

बलिया सदर विधानसभा: विकास के दावे और अधूरी उम्मीदें, विधायक के रिपोर्ट कार्ड पर जनता की राय।

बलिया सदर विधानसभा: विकास के दावे और अधूरी उम्मीदें, विधायक के रिपोर्ट कार्ड पर जनता की राय।

HighLights

  1. बलिया सदर में ₹4200 करोड़ की विकास परियोजनाएं जारी हैं।

  2. सीवर लाइन, सड़क, जल निकासी जैसी समस्याएं अब भी लंबित।

  3. विधायक दयाशंकर सिंह के कार्यों पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया।

जागरण संवाददाता, बल‍िया। विकास के दावे और जनता की उम्मीदों के बीच बलिया सदर विधानसभा क्षेत्र कितना खरा उतरा है, इसका मूल्यांकन हर पांच वर्ष में किया जाता रहा है। कभी कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर अब भाजपा का प्रभाव है। जिले की राजनीति का प्रमुख केंद्र होने के साथ स्वतंत्रता के बाद से ही यह सीट राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रही है।

यहां समय-समय पर अलग-अलग दलों का प्रभाव देखने को मिला है। आजादी के बाद शुरुआती दशकों में बलिया सदर सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा। इसके बाद समाजवादी विचारधारा और क्षेत्रीय दलों के बढ़ते प्रभाव के साथ यहां राजनीतिक समीकरण बदलते गए। जनता दल, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और भाजपा जैसे दलों ने इस सीट पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है।

वर्तमान विधायक दयाशंकर सिंह, इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के साथ ही प्रदेश में परिवहन राज्यमंत्री भी हैं। इनके कार्यकाल में क्षेत्र में विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर चर्चा तेज है। विधायक के समर्थक जहां सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में हुए कार्यों को उपलब्धि बता रहे हैं, वहीं विपक्ष और कई स्थानीय लोग अब भी लंबित समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

विधायक की ओर से क्षेत्र में सड़क निर्माण, संपर्क मार्गों के सुधार, नाली निर्माण, बिजली व्यवस्था में सुधार और विभिन्न विकास योजनाओं को गति देने के प्रयासों का दावा किया जाता रहा है। नगर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था, अतिक्रमण, जलनिकासी और साफ-सफाई जैसे मुद्दों पर भी लगातार काम की जरूरत महसूस की जा रही है।

अभी तक के चार वर्ष के कार्यकाल में वर्तमान विधायक के प्रयास से इस विधानसभा क्षेत्र में करीब 4200 करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें 437 करोड़ रुपये से प्रस्तावित मेडिकल कालेज, 390 करोड़ से प्रस्तावित वैना बाइपास, 105 करोड़ से सीवर लाइन कार्य, एसटीपी, महर्षि भृगु कारिडोर के लिए 50 करोड़ स्वीकृति, करीब 19 करोड़ से कटहल नाला सुंदरीकरण प्रस्तावित, जिला जेल व दर्जनों सड़कों के चौड़ीकरण के कार्य को स्वीकृति मिली है।

इनमें 800 करोड़ की लागत से छोटी-बड़ी सड़कों का निर्माण, 25 करोड़ रुपए से पुल-पुलियों का निर्माण भी शामिल है। बलिया व उजियार-भरौली बस अड्डे के लिए भी 110 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। विधायक का दावा है कि करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े चार वर्षों में बाढ़ व कटान निरोधक कार्य कराए गए हैं। स्पोर्ट्स कालेज भी जिले में निर्माणाधीन है।

इसके अलावा सबसे बड़ा प्रोजेक्ट 134 किलोमीटर लंबे गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बलिया को सीधे लखनऊ और पटना से जोड़ने के लिए अंतिम चरण में पहुंच गया है। जेल परिसर के खाली हुए हिस्से में से ढाई एकड़ क्षेत्र में महान स्वतंत्रता सेनानी चित्तू पांडेय के सम्मान में एक भव्य स्मारक का निर्माण भी प्रस्तावित है। हालांकि विधायक निधि की संपूर्ण धनराशि खर्च नहीं हो पाई है। विधायक निधि से सिर्फ दो करोड़ का कार्य पूर्ण हुआ है, अभी 12 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया है।

विधायक बोले

जनपद में पहली बार काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर बलिया के ऐतिहासिक महर्षि भृगु मंदिर के सौंदर्यीकरण और कारिडोर निर्माण का खाका तैयार किया गया है। कारिडोर के लिए डीपीआर और डिजाइनिंग का काम पूरा होने के बाद भूमि पूजन किया जाएगा। पहले की 16 एकड़ जेल की तुलना में अब नारायणपाली में 67 एकड़ की विशाल और सर्वसुविधायुक्त नई जेल का निर्माण कार्य संबंधी प्रक्रिया चल रही है। बलिया से बांसडीह तक 16 किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 59.65 करोड़ की परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। -दयाशंकर सिंह, विधायक, बलिया नगर विधानसभा।

बोले रनर

अब तक सीवर का कार्य 20 वर्ष अधूरा ही है। सड़कों की हालत दयनीय है। बारिश के दौरान जलभराव की वजह से सड़क पर चलना तक दूभर हो गया है। बिजली कटौती ने लोगों को परेशानी को बढ़ा दिया है। सरकार की ओर से जो भी दावे किए जा रहे हैं वह झूठा है। पांच वर्ष के लिए जनता विधायक चुनती है लेकिन जब इस समय काल में कार्य पूर्ण न हो तो ऐसी सरकार व विधायक का क्या फायदा। कटहल नाला का सौंदर्यीकरण अब भी सपना ही बना हुआ है। -संग्राम सिंह यादव, सपा जिलाध्यक्ष।

बोली जनता

मिड्ढी चौराहा वाली सड़क अब तक पूर्ण नहीं हो पाई है, इसको जल्द पूर्ण कराया जाए। मानसून के शुरु होने तक कटहल नाला के सौंदर्यीकरण की बात कही गई थी लेकिन वह भी अब तक अपूर्ण है। शहर की सबसे बड़ी समस्या क्षतिग्रस्त सड़कों की है। यहां थोड़ी सी बारिश में जलभराव देखने को मिलता है। नालियां तक पाटी नहीं गई हैं। कचरा उठान व निस्तारण व्यवस्था अब तक नहीं हो पाया है। लोग आज भी सड़क पर ही कूड़ा फेंक रहे हैं। एसटीपी तो बनकर तैयार है लेकिन अब इसे चालू करा दिया जाए। सीवर अब भी अधूरा है। -डा. गणेश पाठक, प्रोफेसर।

नगर में पार्किंग की व्यवस्था के साथ ही विभिन्न व्यापारिक स्थलों पर जैसे इंदुमार्केट के पीछे, बालेश्वर मंदिर के पास, भृगु काम्प्लेक्स (लोहिया मार्केट) तथा दवा मंडी में जनसुविधा का होना अत्यंत आवश्यक है। शहर की पटरियों और गलियों का सुंदरीकरण, आधुनिकिरण आज की समय और युवा वर्ग के व्यापारियों के लिए जरूरत है। मालदेपुर से कदम चौराहा तक बने फोरलेन का आगे तक विस्तार, सुंदरीकरण एवं दुर्घटनारहित करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। बिजली विभाग द्वारा स्थापित नगर क्षेत्र में डीपी बाक्स काफी जर्जर और जानलेवा साबित न हो, इस पर भी संज्ञान लिया जाए। जो भी प्रस्तावित कार्ययोजना है, निगरानी समिति का गठन कर इसकी देख-रेख में जल्द पूरा कराया जाए। - सुनील परख, व्यापारी।

बलिया सदर विधानसभा का अपेक्षित विकास अब तक नहीं हो सका है। गंगा नदी के तटवर्तीय गांव अभी भी बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित हैं। इस पर तो सरकार को तत्काल काम करना चाहिए। जिनके घर कटान की वजह से नदी में समाहित हो गए, उन्हें नया मकान देना चाहिए। सिंचाई अभी भी बिजली के सहारे है, मिर्चा की फसल पर मंडियों में दलालों का प्रभुत्व है। समय पर न तो सिंचाई हो पाती है और न ही फसल की लागत मूल्य के मुताबिक मिल पाती है। ट्यूबवेल जो बंद हैं, उनके स्थान पर नए ट्यूबवेल नहीं लगे। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। -रवींद्र सिंह, किसान।

भाजपा सरकार में महिला सुरक्षा को लेकर परिवर्तन जरूर देखने को मिल रहा है। हालांकि नगर विधानसभा क्षेत्र में नाली, जल निकासी, व्यवसायिक विद्यालय, सड़कें व बाढ़ से बचाव पर काम होना चाहिए। सबसे जरूरी बात कि यहां अस्पतालों की व्यवस्था को सुधारा जाए ताकि भविष्य में जच्चा-बच्चा की मौत न हो। अस्पताल में संसाधन की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ यहां एमआरइ मशीन की भी स्थापना की जाए, ताकि गंभीर मरीजों को राहत मिल सके। -कविता सिंह, अध्यापिका।

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बलिया नगर विधानसभा

कुल मतदाता---3,01,643

पुरुष मतदाता---1,68,381

महिला मतदाता---- 1,33,242