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बल‍िया में 66 राहत किट दूसरे तहसील क्षेत्र में निजी मकान से बरामद, लेखपाल पर मुकदमा दर्ज

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 19 Sep 2026 04:11 PM (IST)

बलिया में बाढ़ प्रभावितों के लिए उपलब्ध कराई गई 66 राहत किट दूसरे तहसील क्षेत्र के एक निजी मकान में ...और पढ़ें

बलिया में बाढ़ राहत किट घोटाला: निजी मकान से 66 किट बरामद, लेखपाल पर केस।

बलिया में बाढ़ राहत किट घोटाला: निजी मकान से 66 किट बरामद, लेखपाल पर केस।

HighLights

  1. बलिया में 66 बाढ़ राहत किट निजी मकान में मिलीं।

  2. क्षेत्रीय लेखपाल शिव वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

  3. राहत सामग्री के रखरखाव में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया।

जागरण संवाददाता, बलिया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बनी बाढ़ की स्थिति के बीच राहत सामग्री के रखरखाव में लापरवाही का मामला सामने आया है। बाढ़ प्रभावित लोगों में वितरण के लिए उपलब्ध कराई गई 66 राहत किट दूसरे तहसील क्षेत्र के एक निजी मकान में रखी मिलीं। मामले में क्षेत्रीय लेखपाल शिव वर्मा के विरुद्ध कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

राम प्यारे मौर्य की ओर से दी गई तहरीर के अनुसार, राजस्व विभाग के सभी लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहने तथा बाढ़ प्रभावित लोगों, कृषि क्षेत्र और पशुहानि की सूचना तत्काल तहसील कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही प्रभावित लोगों की सहायता के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया था।

गत 17 सितंबर 2026 को सूचना मिली कि बाढ़ प्रभावित लोगों में वितरण के लिए दी गई राहत किट में से 66 किट ग्राम बड़ागांव, तहसील बांसडीह स्थित एक मकान में रखी गई हैं। सूचना मिलने पर तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर संबंधित मकान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक कमरे में 66 राहत किट रखी मिलीं। उस समय लेखपाल शिव वर्मा भी मौके पर मौजूद थे।

तहरीर में कहा गया है कि पूछताछ के दौरान लेखपाल से राहत किट को वहां रखने के संबंध में जानकारी मांगी गई, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्रशासन के अनुसार, क्षेत्र बजरहां के बाढ़ प्रभावित लोगों में वितरण के लिए दी गई राहत किट का तत्काल वितरण किया जाना चाहिए था।

किसी कारण से वितरण संभव नहीं होने की स्थिति में किट को संबंधित क्षेत्र में ही राशन की दुकान अथवा पंचायत भवन जैसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाना अपेक्षित था। आरोप है कि इसके विपरीत 66 राहत किट अपने क्षेत्र और तहसील क्षेत्र से बाहर ग्राम बड़ागांव स्थित एक निजी व्यक्ति के मकान में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के रखी गईं।

तहरीर में इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बताया गया है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि राहत किट को दूसरे तहसील क्षेत्र में ले जाकर रखने का उद्देश्य उनका दुरुपयोग करना हो सकता है। मामले में राम प्यारे मौर्य की तहरीर के आधार पर पुलिस ने लेखपाल शिव वर्मा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया है।