रसड़ा विधायक का रिपोर्ट कार्ड - उमाशंकर सिंह के समय विकास और अनसुलझे मुद्दे, बेटे यूकेश पर अब टिकी निगाहें
दिवंगत बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में सड़कों और बिजली में सुधार हुआ, लेकिन स्वास्थ्य, शिक्षा और ...और पढ़ें

प्रदेश में बसपा के इकलौते रसड़ा के विधायक रहे उमाशंकर सिंंह के निधन के बाद क्षेत्र में संवेदनाएं परिवार के साथ बनी हुई हैं।
HighLights
दिवंगत विधायक ने सड़कों, बिजली और नाली निर्माण पर काम किया।
स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, चीनी मिल जैसे प्रमुख मुद्दे अनसुलझे रहे।
बसपा सुप्रीमो मायावती ने बेटे यूकेश सिंह को चुनाव लड़ाने के संकेत दिए।
जागरण संवाददाता, बलिया। जिले के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का अगस्त में निधन हो गया। वह वर्ष 2012 में पहली बार से सक्रिय राजनीति में आए और बसपा की टिकट से चुनाव लड़े और लगभग 84 हजार से अधिक मत प्राप्त कर सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को ऐतिहासिक 52825 मतों से शिकस्त देकर विधायक निर्वाचित हुए थे।
उसके बाद 2017 के चुनाव में उमाशंकर सिंह ने लगभग 92272 मत प्राप्त कर भाजपा प्रत्याशी पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33885 मतों से हराकर दूसरी बार विधायक बने। वर्ष 2022 में उन्होंने सपा-सुभासपा के सशक्त गठबंधन के बावजूद सुभासपा के प्रत्याशी महेंद्र चौहान को कड़े मुकाबले में पांच हजार से अधिक मतों से शिकस्त देकर तीसरी बार विधायक निर्वाचित घोषित किए गए थे।
विधान सभा क्षेत्र में जलभराव, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं और किसानों की समस्याएं आज भी प्रमुख मुद्दे बनी हुई हैं। घोसी संसदीय क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित रसड़ा विधानसभा क्षेत्र (358) लंबे समय से कांग्रेस, जनता दल, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और वर्तमान में बहुजन समाज पार्टी तथा अन्य दलों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र रहा है। इस सीट पर छह बार कांग्रेस और पांच बार बसपा कब्जा जमा चुकी है।
विधानसभा क्षेत्र के अधिसंख्य गांवों में नया ट्रांसफार्मर लगाकर विद्युत व्यवस्था की स्थिति को दुरूस्त करने का कार्य किया गया है। इसके अलावा सोलर लाइट, हजारों लोगों को चिकित्सकीय सुविधा, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सैकड़ों की उपचार में मदद, पोखरों का सुंदरीकरण, कुछ विद्यालयों में कंप्यूटर सिस्टम, आरओ प्लांट, बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचने आदि कार्य किए गए हैं।
यहां के लोगों की मांग है कि वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल संचालन के लिए कई बार आवाज बुलंद की गई गई किंतु धरातल पर अभी तक कार्य नहीं हो सके हैं। इसके अलावा रसड़ा में स्वास्थ्य संबंधी समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सुयोग्य चिकित्सकों की तैनाती न होने व आधुनिक सुविधाएं नहीं होने से स्वास्थ्य का मुद्दा काफी समय से हावी रहा है।
औद्योगिक कल-करखाने आज तक नहीं लग पाए। यहां तक कि उच्च शिक्षा जैसे मेडिकल, इंजीनियरिंग, पालिटेक्निक कालेज न होने से यहां के छात्रों को दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। खेल मैदान व स्टेडियम न होने से युवा कुंठा के शिकार हो रहे हैं। विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद अब इस सीट पर उनके पुत्र यूकेश सिंह की दावेदारी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले दिनों पर बसपा की केंद्रीय बैठक में भी शामिल हुए थे। बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी यूकेश सिंह को चुनाव लड़ाने का संकेत दे चुकी हैं।
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बोली जनता
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क तो इन्होंने बनाया है लेकिन लिंक रोड से नहीं जोड़ा गया। चिकित्सा के क्षेत्र में भी अभी इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है। इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत हैं। -बनारसी प्रसाद वर्मा, व्यापारी, रसड़ा।
रसड़ा विधान सभा में बसपा विधायक उमाशंकर सिंह द्वारा अधिकांश गांवों में आरसीसी सड़क, नाली निर्माण कराकर गांवों की सूरत-ए-हाल का संवारने का कार्य किया गया है। विद्युत ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली व्यवस्था को बेहतर किया गया है। -डा. मुकेश कुमार, रसड़ा।
रसड़ा विधायक द्वारा अपने तीन पंचवर्षीय कार्यकाल में सड़क, खेल, शिक्षा सहित अनेक जनहित के कार्य कराए गए हैं। विधानसभा क्षेत्र में चीनी मिल चालू कराने की मांग उठाने के बावजूद धरातल पर कुछ नहीं हो पाया है। -विश्वजीत जायसवाल, युवा, रसड़ा।
रसड़ा विधानसभा क्षेत्र में विधायक द्वारा अपने कार्यकाल में हजारों मरीज रोगियों के लिए उपचार की व्यवस्था कराई है। विकास कार्य कराए जाने का ही नतीजा है कि वह लगातार यहां तीन बार विधायक निर्वाचित हुए थे। - -रागिनी देवी, गृहणी, रसड़ा।
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रसड़ा विधानसभा (358)
कुल मतदाता---3,30,349
पुरुष मतदाता---1,47,374
महिला मतदाता---- 1,82,969
