कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अचानक सरकार को कठोर कदम उठाना पड़ा। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। लिहाजा जनपदवासियों में अफरातफरी मच गई। 25 मार्च की वह सुबह किसी चुनौती से कम नहीं थी। जब आवश्यक सामानों की खरीदारी के लिए दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी और गैर प्रांत व शहर से लोगों का आवागमन भी शुरु हो गया। वस्तुत: पुलिस के सामने चौतरफा चुनौती उत्पन्न कर दी थी लेकिन अधिकारियों की कर्तव्यपरायणता व जनसहयोग ने काम आसान कर दिया।

हर वर्ग का मिला सहयोग

ऐसे समय में लॉकडाउन घोषित किया गया जब रामनवमी, शब्बे-बारात जैसे त्यौहार थे। लॉकडाउन के दौरान शारीरिक दूरी को भी मेंटेन करना था तो धार्मिक मान्यताओं को भी बरकार रखना था। ऐसी विषम परिस्थिति में जागरुकता ही एक मात्र विकल्प था। पुलिस प्रशासन के प्रत्येक पहल का लोगों ने न सिर्फ स्वागत किया बल्कि उसका अनुपालन भी किया। एहतियात के लिए सामाजिक दूरी बनाये रखने की बात पर लोगों ने अमल किया और घर पर ही त्योहार मनाया। पूजा-पाठ से लेकर नमाज तक घरों में अदा की गई। इस विकट समय में हर वर्ग का जो सहयोग मिला वह साधुवाद के पात्र हैं। बढ़ाई सीमाओं की चौकसी

जिले की भौगोलिक सीमा को ध्यान में रखकर लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए कड़ी चौकसी बरतनी थी। जिला तीन तरफ से गैर प्रांतो से घिरा है। लिहजा सीमा पर चैकसी बढ़ाये बिना अभियान का सफल बनाना संभव नहीं था। उसमें सरयू के उस पार बिहार प्रांत के सिवान जनपद में कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने के बाद तो चुनौती और बढ़ गई थी। बिना समय गवांए सभी सीमाओं को सील कर चौकसी बढ़ा दी गई।

अन्नपूर्णा बैंक ने मिटाई दूरियां

बेशक लॉकडाउन की वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के दौरान जनपद के गरीब व कमजोर लोगों के सहयोग के लिए जिले के विभिन्न थानों व पुलिस लाइन में अन्नपूर्णा बैंक खोला गया। इसमें लोगों ने दिल खोल कर सहयोग भी किया। इस बैंक के माध्यम से सभी एसओ व पुलिस के जवान लगातार गरीबों व असहायों की मदद करने में जुटे हैं। इस कार्य में एएसपी संजय कुमार, सीओ सिटी अरूण कुमार, सदर कोतवाल विपिन सिंह, एसओ सुखपुरा विरेंद्र यादव, फेफना एसओ शशिमौलि पांडेय, बैरिया संजय त्रिपाठी, गड़वार अनिल चंद्र तिवारी, उभांव योगेंद्र सिंह, नरहीं ज्ञानेश्वर मिश्रा, हल्दी सत्येंद्र कुमार राय व उभांव एसएचओ अमित सिंह का प्रयास सराहनीय है। लॉकडाउन-1 को पूर्णत: सफल बनाने में सहयोग करने के लिए जिले की विभिन्न सामाजिक संगठनों, संस्थाओं व प्रबुद्धजनों को साधुवाद देता हूं।

--देवेन्द्र नाथ दुबे (लेखक बलिया के पुलिस अधीक्षक हैं)

Posted By: Jagran

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