बलिया में छात्रा से छेड़खानी के आरोप में प्रोबेशनर सिपाही बर्खास्त, एक दिन पहले दर्ज हुआ था मुकदमा
बलिया में एक प्रोबेशनर सिपाही पंकज गुप्ता को छात्रा से छेड़खानी के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया ...और पढ़ें

बलिया में छात्रा से छेड़खानी के आरोप में प्रोबेशनर सिपाही बर्खास्त, पुलिस विभाग ने की कड़ी कार्रवाई।
HighLights
प्रोबेशनर सिपाही पंकज गुप्ता छात्रा से छेड़खानी के आरोप में बर्खास्त।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने सेवा से पदच्युत करने का आदेश दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने चौकी का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया।
जागरण संवाददाता, बलिया। बैरिया तहसील के दोकटी क्षेत्र के लालगंज चौकी पर तैनात प्रोबेशनर सिपाही पंकज गुप्ता के खिलाफ छात्रा से छेड़खानी के आरोप में दर्ज मुकदमे के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने शनिवार को सिपाही को उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा के पद से बर्खास्त कर दिया।
इससे एक दिन पहले शुक्रवार को छात्रा की तहरीर पर सिपाही के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे निलंबित किया गया था। स्वजन के मुताबिक शुक्रवार शाम 15 वर्षीय किशोरी कोचिंग पढ़कर साइकिल से घर लौट रही थी। किशोरी का आरोप है कि सिपाही पिछले तीन दिनों से उसे अकेले देखकर परेशान कर रहा था और मोबाइल नंबर मांग रहा था।
लोकलाज के कारण उसने पहले किसी को जानकारी नहीं दी। शुक्रवार को उसने ट्यूशन जाने से पहले अपने स्वजन को मामले की जानकारी दी। किशोरी के पिता कुछ ग्रामीणों के साथ सेंट्रल बैंक के पास इंतजार करने लगे। आरोप है कि कोचिंग से लौटते समय सिपाही ने सुनसान स्थान पर किशोरी की साइकिल रोक दी और उसके साथ छेड़खानी की।
किशोरी के शोर मचाने पर उसके पिता और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। लोगों को आता देख सिपाही अपनी बाइक छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग लालगंज चौकी पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने करीब दो घंटे तक चौकी का घेराव किया और आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। सूचना पर थानाध्यक्ष और क्षेत्राधिकारी बैरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
किशोरी की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किए जाने और कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद लोग वहां से हटे। पुलिस के अनुसार पंकज गुप्ता वर्ष 2025 में बलिया जिले में तैनात हुआ था और करीब तीन माह पहले लालगंज चौकी पर उसकी तैनाती हुई थी। वह वर्तमान में परिवीक्षा अवधि में सेवा दे रहा था।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने विभागीय कार्रवाई के आदेश में कहा कि पुलिस बल एक अनुशासित संगठन है और महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रोबेशन अवधि में इस प्रकार के गंभीर कृत्य में संलिप्तता को घोर कदाचार, अनुशासनहीनता और नैतिक अधमता मानते हुए सिपाही को सेवा से पदच्युत किया गया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
