बलिया में जर्जर विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण पर सियासत, अखिलेश यादव ने वीडियो जारी किया
जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण को लेकर बलिया में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अखिलेश यादव ने वीडियो ...और पढ़ें

बलिया में जर्जर स्कूल भवन के ध्वस्तीकरण पर सियासत गरमाई अखिलेश यादव ने उठाया सवाल।
HighLights
बलिया में प्राथमिक विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण पर विवाद।
अखिलेश यादव ने वीडियो जारी कर सरकार पर आरोप लगाए।
शिक्षा विभाग ने भवन को जर्जर और असुरक्षित बताया।
जागरण संवाददाता, नवानगर (बलिया)। शिक्षा क्षेत्र पंदह के प्राथमिक विद्यालय डंकिनगंज के जर्जर भवन को ध्वस्त किए जाने का मामला अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विद्यालय भवन के ध्वस्तीकरण का वीडियो समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के फेसबुक पेज से वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वीडियो में विद्यालय भवन को सही स्थिति में बताते हुए सरकार पर अच्छे विद्यालयों को ध्वस्त कराने का आरोप लगाया गया है।वहीं, शिक्षा विभाग ने भवन को जर्जर और बच्चों के लिए असुरक्षित बताते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को नियमों के तहत बताया है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव गुप्ता के अनुसार, भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका था।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसकी अनुमानित कीमत करीब 53 हजार रुपये निर्धारित कर नीलामी की प्रक्रिया भी कराई गई थी, लेकिन नीलामी में किसी ने भाग नहीं लिया। प्रधानाध्यापक के अनुसार, बरसात के दौरान भवन की छत से पानी टपकता था और उसकी स्थिति बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं रह गई थी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और विद्यालय समिति के स्तर से जर्जर भवन को ध्वस्त कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद भवन का ध्वस्तीकरण कराया गया।
खंड शिक्षा अधिकारी पंदह सुनील चौबे ने बताया कि विद्यालय भवन जर्जर घोषित हो चुका था और बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं था। सुरक्षा के दृष्टिगत भवन को ध्वस्त कराया गया है। इसमें किसी प्रकार की मनमानी नहीं की गई है। इधर, पूर्व मुख्यमंत्री के फेसबुक पेज से वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है। वीडियो में भवन को सही बताया जा रहा है, जबकि शिक्षा विभाग उसे जर्जर घोषित किए जाने का दावा कर रहा है। ऐसे में भवन की वास्तविक स्थिति और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
