जागरण संवाददाता, बलिया : सीएमओ के फर्जी आदेश पर औषधी विभाग में ड्यूटी कर रहे बाबू के मामले को महानिदेशक चिकित्सा एंव स्वास्थ्य ने संज्ञान में लिया और तत्काल प्रभाव से तथाकथित स्थानांतरण आदेश को रद कर दिया। स्वास्थ्य विभाग में इस तरह के चल रहे घालमेल संबंधी खबर को दैनिक जागरण ने 11 मार्च को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

यह खबर जागरण के अंक में ' ..तो सीएमओ के फर्जी पत्र पर हुई औषधि भंडार में तैनाती' शीर्षक से प्रकाशित की गई थी। बता दें कि खबर छपने के बाद जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगरौत ने सीएमओ को पत्र जारी कर उक्त आदेश की जांच कर रिपोर्ट देने का कहा था। इसी बीच महानिदेशक ने बाबू का स्थानातरण रद करने का फरमान जारी कर दिया। पूरा मामला केंन्द्रीय औषधि भंडार में तैनाती से जुड़ा है। तत्कालीन सीएमओ डॉ. उमापति द्विवेदी के दो मार्च के एक आदेश का हवाला देते हुए आठ मार्च को लेटर जारी कर पुलिस चिकित्सालय के अधीन तैनात चीफ फार्मासिस्ट अरूण कुमार सिंह को केंद्रीय औषधि भंडार में तैनात कर दिया गया था।

यह मामला संज्ञान में आने के बाद तत्कालीन सीएमओ डॉ.उमापति द्विवेदी ने महानिदेशक को पांच मार्च को पत्र भेज कर ऐसा कोई भी पत्र जारी न करने की बात कही थी। सीएमओ ने इसके अलावा जनपद के स्वास्थ्य महकमें में व्याप्त भ्रष्टाचार का भी मामला उठाया। इसी दरम्यान उक्त खबर दैनिक जागरण में भी प्रकाशित हो गई। फिर क्या था जनपद का प्रशासनिक अमला चौकन्ना हो गया। जिलाधिकारी के पेच कसने और तत्कालीन सीएमओ के पत्र को आधार बनाकर महानिदेशक कार्यालय ने स्थानांतरण के आदेश को निरस्त कर दिया गया।

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