जागरण संवाददाता, बलिया : वीर लोरिक स्पो‌र्ट्स स्टेडियम का खेल लोगों के समझ में नहीं आ रहा है। पिछले साल से ही कायाकल्प के लिए योजनाएं बन रही हैं। तीन सालों से स्टेडियम जलभराव का दंश झेल रहा है। इस साल भी इससे मुक्ति मिलते दिखाई नहीं दे रही है। प्रशासन भी बेखबर है। खेल, युवा कल्याण, पंचायती राज स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी के गृह जनपद में ऐसी बदहाली से प्रतिभाएं दम तोड़ने को मजबूर हैं। यहां खेलकूद बंद चल रहे हैं। हल्की बारिश में ही नाला का पानी स्टेडियम में प्रवेश कर गया। स्टेडियम कर्मचारियों के घास कटिग की मेहनत भी बेकार साबित हो गई है। नाले का पानी बाउंड्री के नीचे से सीधे स्टेडियम में चला आ रहा है। हर सीजन में आकर्षक दिखने वाले ग्राउंड में घास उग गए हैं। स्टेडियम बेकार हो गया है। वहीं, नालों के पानी के दुर्गंध तैयारी को आने वाले युवाओं के स्वास्थ्य पर भी असर डाल रहा है।

------------- मुख्य गेट पर भी नाली का पानी

स्टेडियम के उत्तरी छोर से नाले का पानी सीधे मैदान में प्रवेश कर रहा है, मुख्य गेट के सामने भी पानी लग जा रहा है। यहां प्रवेश करने के लिए ईंट रखना पड़ रहा है। अत्यधिक बारिश हुई तो मुख्य गेट से भी पानी अंदर जाने लगेगा। इसके बाद परेशानी और बढ़ जाएंगी।

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धन अवमुक्त, जल्द होगा काम

कोरोन महामारी व आचार संहिता के कारण वीर लोरिक स्पोर्टस स्टेडियम का काम नहीं हो पाया। मिट्टी समेत अन्य कार्य के लिए 2.50 करोड़ की धनराशि अवमुक्त हो गई है। जल भराव से मुक्ति के लिए जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

- उपेंद्र तिवारी, खेल, युवा कल्याण, पंचायती राज (स्वतंत्र प्रभार)

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स्टेडियम में नाला का पानी रोकने के लिए उत्तर साइड से दो फीट ऊंचा मिट्टी का मेड़ बनाने की योजना है। इससे नाली का पानी अंदर नहीं आ पाएगा। बरसात के पहले इस कार्य को पूरा करने की योजना है। लड़कों की तैयारी बाधित हो गई है।

- अतुल सिन्हा, जिला क्रीड़ा अधिकारी

Edited By: Jagran