'शाम की दवाई' के लिए लोग कर रहे हैं ढिलाई, बाढ़ के खतरे के बीच भी खुली दुकान में बलिया में रौनक बरकरार
बलिया के बैरिया में बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में लोग जान जोखिम में डालकर शराब की दुकान तक पहुंच रहे हैं, जो ...और पढ़ें

बाढ़ में भी खुली है शराब की दुकान, खतरों के बीच भी लोग कर रहे हैं खरीदारी।
HighLights
बैरिया में बाढ़ के पानी में घिरी शराब की दुकान।
लोग 5-6 फीट गहरे पानी से होकर दुकान पहुंच रहे।
ग्रामीणों ने दुकान बंद करने या स्थानांतरित करने की मांग की।
जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया)। बाढ़ में लोग रिस्क नहीं लेते मगर शाम की दवाई के लिए सारे खतरे और जोखिम लोग उठाकर पहुंच रहे हैं। बाढ़ में कोई काम नहीं तो पउवा लगाने के लिए भी लोग खरीदारी के लिए खतरों के खिलाड़ी बन जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल बैरिया में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में है जहां पर दुकान बाढ़ में है लेकिन लोग बाढ़ के खतरों के बीच भी खतरा उठाकर आ रहे हैं।
बैरिया क्षेत्र के रामपुर कोडहरा गांव में संचालित कम्पोजिट अंग्रेजी शराब की दुकान इन दिनों चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरी हुई है। दुकान के आसपास करीब पांच से छह फीट तक पानी जमा होने के बावजूद दुकान का संचालन किया जा रहा है। शराब खरीदने के लिए पहुंचने वाले लोगों को गहरे पानी से होकर दुकान तक पहुंचना पड़ रहा है।
बाढ़ के पानी के बीच लोगों की आवाजाही से कभी भी हादसा होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सामान्य स्थिति में भी गहरे पानी से होकर गुजरना जोखिम भरा है, वहीं शराब का सेवन करने के बाद लोगों के संतुलन बिगड़ने की संभावना और बढ़ जाती है। ऐसे में पानी में गिरने या डूबने जैसी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में लगातार बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर आवागमन पहले से ही प्रभावित है। इसके बावजूद दुकान खोले जाने से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जब तक बाढ़ का पानी कम नहीं हो जाता, तब तक दुकान को बंद कराया जाए अथवा किसी सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व और आबकारी विभाग को मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी भी संभावित हादसे को समय रहते रोका जा सके।
