जासं, बेरुआरबारी (बलिया) : खेती किसानी के मामले में क्षेत्र के अधिकतर किसान परम्परागत खेती को छोड़ अलग हट कर कुछ करने का जोखिम नहीं उठाने चाहते। इसके चलते खेती किसानों के लिए घाटा का सौदा साबित हो रही है। वहीं जिसने कुछ अलग किया खेती उनके लिए वरदान साबित हो रही हैं। उक्त बातें कृषि विशेषज्ञ डीएसआर के संदीप तिवारी ने कही।

वे क्षेत्र के दर्जनों गांवों में डीएसआर विधि से सीधे धान की सीड ड्रिल मशीन से बोआई के लिए किसानों को प्रेरित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इस विधि से किसानों को काफी कम लागत में एक एकड़ में 25 से 30 कुंतल तक धान की अच्छी पैदावार का लाभ मिलेगा, जिससे हमारे किसान भाई काफी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया की हमारी टीम की देखरेख में बोआई से लेकर कटाई तक समय-समय पर किसानों के साथ मिलकर इस पर काम करना हैं।

इस विधि से धान की फसल की निराई-गुड़ाई भी नहीं करनी होती हैं। इस विधि से कम बीज, कम पानी व अच्छी पैदावर होगी, जिससे किसान की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। इस मौके पर अनिल पांडेय, संजय वर्मा, अख्तर अंसारी, हर्ष नरायन सिंह, अनिल पांडेय, तुषार कान्त यादव, अनिल, तारकेश्वर सिंह, राजकिशोर वर्मा, बबलू पांडेय, दयाशंकर सिंह, महेंद्र शुक्ला, करुणा शंकर सिंह आदि सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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