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बल‍िया में जिउतिया पर्व पर मडुआ की लिट्टी-रोटी खाने से एक दर्जन से अधिक की तबीयत बिगड़ी, अस्‍पताल में भर्ती

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 02 Oct 2026 02:35 PM (IST)

बलिया के आसचौरा गांव में जितिया पर्व पर मडुआ के आटे से बनी लिट्टी-रोटी खाने से एक दर्जन से अधिक ...और पढ़ें

बलिया में जितिया पर्व पर मडुआ की लिट्टी-रोटी खाने से कई बीमार, फूड प्वाइजनिंग की आशंका!

बलिया में जितिया पर्व पर मडुआ की लिट्टी-रोटी खाने से कई बीमार, फूड प्वाइजनिंग की आशंका!

HighLights

  1. जितिया पर्व पर मडुआ की लिट्टी-रोटी खाने से लोग बीमार।

  2. एक दर्जन से अधिक महिलाएं और बच्चे हुए प्रभावित।

  3. ग्रामीणों ने आटे की गुणवत्ता की जांच की मांग की।

जागरण संवाददाता, बांसडीह (बलिया)। बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के आसचौरा गांव में जितिया पर्व पर मडुआ के आटे से बनी लिट्टी-रोटी खाने के बाद एक दर्जन से अधिक महिलाओं और बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उल्टी-दस्त और चक्कर आने पर गांव में अफरातफरी मच गई। आनन-फानन सभी को बांसडीह सीएचसी पहुंचाया गया।

गंभीर स्थिति वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार शुक्रवार सुबह व्रतधारी महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद गांव की सोनू वर्मा की दुकान से मडुआ का आटा खरीदा था। इसी आटे से लिट्टी-रोटी बनाकर महिलाओं और बच्चों ने सेवन किया। कुछ देर बाद ही एक-एक कर लोगों को उल्टियां शुरू हो गईं।

बीमारों में 26 वर्षीय पिंकी, 33 वर्षीय पुष्पा, 40 वर्षीय फूलमती, 36 वर्षीय सुनीता, 32 वर्षीय सुमन, 35 वर्षीय रंजिता वर्मा के अलावा 10 वर्षीय शिवम और नौ वर्षीय देवा शामिल हैं। एक ही गांव और एक ही दुकान से खरीदे गए आटे से मामला जुड़ा होने के कारण ग्रामीणों ने उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए खाद्य विभाग से जांच की मांग की है।

सीएचसी के चिकित्सक डा. वीरबहादुर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला फूड प्वाइजनिंग का प्रतीत हो रहा है। कुछ मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार सीएचसी में जारी है।