जागरण संवाददाता, नगरा (बलिया) : कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आनन-फानन में गांवों में निगरानी समितियों का गठन कर दिया गया। इन समितियों की कमान निवर्तमान ग्राम प्रधानों को दी गई है। गांवों में सैनिटाइजेशन व साफ-सफाई का कार्य गति नहीं पकड़ रहा है। निवर्तमान प्रधानों में कई ने पराजय का मुंह देखा है तो कुछ ने मैदान ही छोड़ दिया था। कुछ तो आरक्षण में सीट बदल जाने से लड़ाई से पहले ही चुनाव से बाहर हो गए थे। नए प्रधानों का अभी शपथ ग्रहण नहीं हो सका है ऐसी परिस्थिति में निगरानी समितियों में शामिल किए जाने के बाद भी निवर्तमान प्रधान कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।

निगरानी समितियों में निवर्तमान प्रधानों, सचिवों, लेखपालों, कोटेदारों, रोजगार सेवकों, आंगबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। कोरोना काल में खरीदी गई फागिग मशीन, स्प्रे मशीन से लेकर अन्य उपकरण निवर्तमान प्रधानों के पास ही हैं। कुछ ने तो सचिवों को हस्तानान्तरण कर दिया है, लेकिन अब भी अधिकतर निवर्तमान प्रधानों के पास ही है। एडीओ पंचायत प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि सचिवों को तत्काल सभी गांवों में सैनिटाइजेशन का कार्य शुरू कराने का निर्देश दे दिया गया है।

निवर्तमान प्रधानों को फागिग व स्प्रे मशीन सहित अन्य उपकरण जल्द हस्तानांतरण करने को कहा गया है। यदि ऐसा नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी। मुरलीछपरा व बैरिया में भी बुरा हाल :

जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया) : मुरलीछपरा व बैरिया विकास खंड के अधिकांश गांवों में अभी तक सैनिटाइजेशन व साफ-सफाई भी शुरू नहीं हुआ हो सका है। नायब तहसीलदार रजत सिंह की मानें तो गैर प्रांत से आए प्रवासियों का व संक्रमितों का लिखे-जोखा भी निगरानी समितियों के पास उपलब्ध नहीं है। उपजिलाधिकारी प्रशांत कुमार नायक ने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया है कि कोरोना नियंत्रण के कार्य में कोई दिक्कत आ रही हो तो बताएं।

विधायक सुरेंद्र सिंह ने खंड विकास अधिकारियों से कहा है कि जिन ग्राम पंचायत अधिकारियों की कोरोना नियंत्रण के लिए गांव में ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें तत्काल भेजकर कार्य शुरू कराएं।

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