जागरण संवाददाता, बलिया : जनता की समस्याओं का समाधान पहले हो इसको लेकर मुख्यमंत्री के अधिकारियों के समय से उपस्थित होने के फरमान का असर दिखाई देने लगा है। अधिकारियों को सुबह दस बजे अपने कार्यालय में बैठने का निर्देश है। हालांकि इसमें अभी भी काफी सुधार की आवश्यकता है। बुधवार को जागरण की टीम जब कलेक्ट्रेट पहुंची तो कई अधिकारी अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे थे, जबकि कर्मचारी काम में जुटे थे।

सीन-एक-सुबह 10.15 बजे

एडीएम मनोज कुमार ¨सघल सुबह 10.15 बजे तक अपने चेंबर में उपस्थित नहीं थे और उनकी कुर्सी खाली थी। पूछने पर पता चला कि अभी आए नहीं हैं। उनके कार्यालय में फरियादियों की भीड़ लगी थी। फरियादी एडीएम के आने की प्रतीक्षा कार्यालय के बाहर खड़े होकर कर रहे थे।

सीन-दो-10.25 बजे

जिलाधिकारी कार्यालय में डीएम भवानी ¨सह खंगारौत की कुर्सी खाली मिली। बगल की कुर्सी पर सीआरओ प्रवरशील बर्नवाल बैठकर आने वाले फरियादियों की समस्या सुन रहे थे। पूछने पर सीआरओ ने बताया कि डीएम साहब बाढ़ क्षेत्र के दौरे पर अभी-अभी निकले हैं। वह कार्यालय आए थे और यहीं से बाढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के लिए निकले हैं। सीन-तीन-10:35 बजे

सिटी मजिस्ट्रेट विश्राम अपने चेंबर में कामकाज करते हुए उपस्थित मिले। साथ ही कर्मचारियों के साथ किसी आवश्यक कार्य को लेकर वार्ता कर रहे थे। बाहर फरियादी अपनी समस्या लेकर अंदर जाने की राह देख रहे थे। सीन-चार-10:40 बजे

जिलाधिकारी कार्यालय के प्रशासनिक कक्ष में अपने टेबल पर राजस्व सहायक अश्वनी तिवारी अपने सहयोगियों संग कार्य करते हुए उपस्थित मिले। इस दौरान गौरव श्रीवास्तव, लिपिक छट्ठू प्रसाद, अजीत राय, करिश्मा हिदायत के अलावा अन्य कर्मचारी कामकाज में मशगूल थे।

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