जासं,रसड़ा (बलिया) : रसड़ा में मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर फरियादियों की कतार लगी रही। कुल 133 मामलों में महज एक का ही निस्तारण हो सका।

भूमि विवादों को देखकर जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही काफी गंभीर दिखे। भूमि विवाद सहित पेंशन, वितरण व्यवस्था, अवैध कब्जे, विद्युत विभाग सहित स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त कुल 133 मामले प्रस्तुत किए गए जिसमें मात्र 1 का निस्तारण किया जा सका। अन्य लंबित मामले का शीघ्र निस्तारण हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

समाधान दिवस में बोर्ड की परीक्षा के चलते जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार दो घंटे विलंब से पहुंचे। बावजूद उन्होंने काफी फरियादियों की शिकायतों को सुना और उनके निस्तारण हेतु अधिकारियों को आदेशित किया। रसड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में चिकित्सकों के लिए बने नव निर्मित आवासीय भवन में चिकित्सकों के प्रवेश न किए जाने का गंभीर मामला अधिवक्ता त्रिलोकी नाथ सिंह ने उठाया। जिसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से शीघ्र अपनी रिपोर्ट प्रेषित करने को कहा। इसी प्रकार अधिवक्ता द्वारा उप निबंधक कार्यालय को रसड़ा तहसील परिसर में हस्तानांतरित किए जाने का भी मुद्दा उठाया जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम से आख्या मांगी।

जिलाधिकारी के समक्ष सत्या सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसड़ा में चिकित्सकों की तैनाती करने तथा प्रवीण सिंह ने नगर के मुख्य नाले के निर्माण कार्य को पुन: चालू करने की मांग की जिस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से आख्या मांगी। इसी प्रकार ब्लाक क्षेत्र के कोप गांव में कर्बला की भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का शिकायती पत्र मंजूर आलम ने प्रेषित किया। जिस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। नगरा के कुछ फरियादियों द्वारा पेयजल हेतु लगाये गए टंकी से पेयजल आपूर्ति न होने की शिकायत पर उन्होंने तत्काल वीडिओ तथा जल निगम के अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजा। इस मौके पर एसडीएम बीके जैन, रामनारायण वर्मा, अधीक्षक रसड़ा डा. वीरेंद्र कुमार सहित जल निगम, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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