जागरण संवाददाता, बलिया : शौक में मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर बुलेट चलाना अब भारी पड़ेगा। उच्च न्यायालय के निर्देश पर परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मोडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट का अब कोई क्लेम व वारंटी नहीं मिलेगी, वहीं सर्विस का कार्य एजेंसी संचालक नहीं करेंगे। ऐसे वाहनों के आने पर वह सूचना एआरटीओ विभाग को देंगे। इसके बाद उस वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने चेतावनी भी जारी किया है। तीन दिन पहले अभियान चलाकर एआरटीओ विभाग ने 10 मोडिफाइड बुलेट का चालान किया था। इन वाहनों से 70 हजार रुपये का राजस्व वसूला गया, इससे अब मोडिफाइड साइलेंसर लगाकर चलने वालों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। विभाग की मानें तो बुलेट में लगने वाले मोडिफाइड साइलेंसर से इंजन समेत अन्य पा‌र्ट्स पर बुरा असर पड़ता है। ऐसे में एजेंसी संचालक किसी दशा में क्लेम नहीं देगा, इससे ऐसे वाहन स्वामियों को जुर्माना लिया जाएगा। इसके अलावा उन्हें क्लेम देने से भी वंचित होना पड़ेगा।

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खराब होगी चेन और बैटरी

बुलेट में मोडिफाइड साइलेंसर से इंजन के ऊपर लगे हेड पर ज्यादा असर पड़ता है। बुलेट के मैकेनिक गुड्डू ने बताया कि इससे कार्बन गैस ज्यादा बनता है। खराब होने पर इसकी कीमत दस हजार रुपये है, वहीं चेन खराब होने के साथ ही बैटरी डाउन होती है। इन दोनों की कीमत दो-दो हजार रुपये है।

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बुलेट के साइलेंसर का मोडिफाइड कराकर चलाना अपराध है। इसके खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। एजेंसी संचालक को चेतावनी दी गई है। ऐसे वाहनों को किसी भी दशा में सर्विस, क्लेम व वारंटी नहीं दी जाएगी।

- राजभूषण, आरआइ, एआरटीओ

Edited By: Jagran