जासं, नरही (बलिया) : नगरीय क्षेत्रों की तर्ज पर ग्राम पंचायतों में सफाई व्यवस्था को सु²ढ़ करने के लिए पूर्ववर्ती बसपा सरकार ग्रामीण सफाई कर्मियों की तैनाती की थी। ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती को लगभग 12-13 वर्ष होने को है लेकिन अब उनकी तैनाती बेमानी सी लगती है। ग्राम पंचायतों में सफाई के नाम पर कुछ भी नहीं दिखता। उदाहरण के तौर पर विकास खंड सोहांव के नरही गांव को लिया जा सकता है।

लगभग 20 हजार आबादी के इस गांव में चार सफाई कर्मियों की तैनाती चल रही है जबकि मानक एक हजार आबादी पर एक सफाई कर्मी रखने की है। गांव का आलम यह है कि विद्यालय तो दूर पंचायत भवन के पास कूड़े का ढेर लगा रहता है और इस तरफ सफाई कर्मी ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोगों की शिकायत पर वे कहते हैं कि प्रधान जी जहां पर भेजेंगे हम वहीं काम करेंगे। वहीं प्रधान का कहना है कि भला कौन प्रधान चाहेगा कि गांव में साफ-सफाई न हो। बड़ी बात यह भी है कि पंचायत भवन तक पर कूड़े का ढ़ेर जमा है।

Posted By: Jagran

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