बलिया : यह सही है कि देश से भ्रष्टाचार को कोई भी सरकार जड़ से खत्म नहीं कर पाई। भ्रष्टाचार से जुड़े मामले आम लोगों के सामने आते रहते हैं लेकिन पब्लिक करे भी तो क्या करे जब उनके रहनुमा भी इस तरह के मामलों पर चुप्पी साध लेते हैं। जिले में एनएच-31 के मरम्मत को लेकर विगत दो साल से शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक साल पहले में एनएच-31 पर बेलहरी से बैरिया तक लगभग 15 किमी में एनएचआई ने लगभग 80 लाख के बजट से एनएच का मरम्मत कराया था। यह कार्य पिछले साल नवंबर में हुआ था, लेकिन जितनी दूरी में यह मरम्मत कार्य हुआ, एनएच का उतना हिस्सा भी बेहतर हाल में एक साल भी नहीं रह सका। इसके बावजूद न तो मामले की जांच हुई न ही संबंधित अधिकारियों से किसी ने कोई सवाल किया। इधर गाजीपुर से मांझी घाट तक लगभग 143 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इससे पहले एनएच मरम्मत को लेकर इंटक नेता विनोद सिंह, युवा नेता दुर्ग विजय सिंह झलन आदि ने इसी सड़क की मरम्मत के लिए धरना दिया था। इस संबंध में इंटक नेता विनोछ सिंह ने बताया कि जून में ही बैरिया से मांझ़ी घाट इस तक मरम्मत के लिए दो करोड़ 54 लाख का बजट स्वीकृत हुआ था। उसी बजट से अभी मरम्मत का कार्य शुरू है। यह कार्य यदि ईमानदारी से मानक के अनुसार हो तो एनएच गड्ढ़ा मुक्त हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं होने के चलते ही एनएच जैसी सड़क मरम्मत के बाद एक साल भी नहीं चल पाती। उदाहरण के तौर पर पर बेलहरी से बैरिया तक 15 किमी में पिछले नवंबर में हुए मरम्मत कार्य को लिया जा सकता है। -मांझी में यूपी-बिहार को जोड़ता है यह एनएच

यही एनएच जनपद के आखिरी छोर पर मांझाी में यूपी-बिहार दो राज्यों को जोड़ता है। यह सड़क अब नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के जिम्मे है। इसके बावजूद भी विभाग इसकी मरम्मत के प्रति पूरी तरह लापरवाह है। फेफना से बलिया 11 किमी या बेलहरी से मांझी घाट लगभग 30 किमी में यह एनएच इतना खराब हो चुका है कि बक्सर की ओर से बलिया-बैरिया होते हुए बिहार जाने वाले यात्री वाहन के अंदर नींद में भी आसानी से जान लेते हैं कि उनका वाहन अब बलिया में प्रवेश कर चुका है। -बीएसटी बांध की सड़क भी बेहाल

मरम्मत के अभाव में बीएसटी बांध पर गड्ढों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। वहीं बांध में जगह-जगह विषैले जीवों ने अपनी मांद बना ली है जो एक अलग मुसीबत है। बरसात या बाढ़ के समय में बंधे के उस पार रह रहे लगभग 50 प्रतिशत लोग बीएसटी बंधे पर आ जाते हैं कितु बंधे के चारों तरफ झाड़-झंखाड़ लग जाने से उसमें विषैले जीवों ने अपना अड्डा बना रखा है। वहीं दूसरी तरफ बीएसटी बंधे की जो सड़क जयप्रकाशनगर से लेकर टेंगरही तक बनी थी, वह भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बोले लोग-

मानक के अनुसार बनने पर ही टिकाऊ होगी सड़क

-कोई भी सड़क जब तक मानक के अनुसार नहीं बनेगी तब तक सड़क ठीक दशा में नहीं रह पाएगी। बेलहरी से बैरिया तक लगभग 80 लाख रुपये खर्च कर सड़क को एनएचआई ने मरम्मत कराया लेकिन यह सड़क एक साल भी ठीक हाल में नहीं रह सकी। यह विभागीय भ्रष्टाचार का संकेत है।

विनोद सिंह, इंटक नेता -सड़क की बिगड़ी दशा को लेकर आमलोग विगत दो सालों से परेशान हैं। एनएच पर जब तक ओवरलोड ट्रकों का परिचालन बंद नहीं होगा तक तक यह एनएच ठीक नहीं रह पाएगा। कई सेतुओं से परिचालन बंद होने के बाद इस रुट पर अब ट्रकों का लोड ज्यादा हो गया है।

सुभाष सिंह, पूर्व प्रवक्ता जिले का एनएच हर स्थान पर बेहतर हाल में होना चाहिए। खराब सड़क के चलते जिले की प्रतिष्ठा पर भी चोट पहुंच रहा है। यह सड़क बेहतर हाल में रहे इसके लिए जनप्रतिनिधियों को सदैव तत्पर रहना चाहिए।

-विनय तिवारी, किसान

विनय तिवारी, किसान -खराब सड़क के चलते ही सड़क बलिया में सड़क दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही है। एनएच की दशा तो ऐसी हो चली है कि उस पर वाहनों को कौन कहे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मरीज तक को बलिया ले जाने में कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है।

-सुरेंद्र सिंह, पूर्व सैनिक

सुरेंद्र सिंह, पूर्व फौजी

Posted By: Jagran

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