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बलिया ज‍िले के दो लाल बने थल सेना में लेफ्टिनेंट, सरहद की करेंगे सुरक्षा

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 05 Sep 2026 04:26 PM (IST)

बलिया जिले के दो होनहार युवा, धीरज कुमार तिवारी और वैभव पांडेय, भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। उनकी ...और पढ़ें

बलिया के धीरज और वैभव बने थल सेना में लेफ्टिनेंट जनपद को किया गौरवान्वित।

बलिया के धीरज और वैभव बने थल सेना में लेफ्टिनेंट जनपद को किया गौरवान्वित।

HighLights

  1. बलिया के धीरज तिवारी और वैभव पांडेय बने लेफ्टिनेंट।

  2. कठिन प्रशिक्षण के बाद भारतीय थल सेना में शामिल हुए।

  3. उनकी सफलता से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल।

जागरण संवाददाता, बलिया। जिले के दो होनहार युवाओं ने भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जनपद का नाम रोशन किया है। बैरिया तहसील के सुरेमनपुर निवासी धीरज कुमार तिवारी और चिलकहर ब्लाक के गोपालपुर निवासी वैभव पांडेय ने कठिन चयन प्रक्रिया व प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया। दोनों की सफलता से उनके गांवों और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

मां-पिता ने कंधे पर लगाया बैज
बैरिया के सुरेमनपुर निवासी पूर्व वायु सैनिक संतोष तिवारी और रीना तिवारी के पुत्र धीरज कुमार तिवारी ने शनिवार को पासिंग आउट परेड के दौरान लेफ्टिनेंट के पद पर कदम रखा। धीरज की प्रारंभिक शिक्षा श्रीनगर में हुई। इसके बाद उन्होंने ग्वालियर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।

एसएसबी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद गया स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में एक वर्ष का कठोर प्रशिक्षण लिया। पासिंग आउट परेड में माता रीना तिवारी और पिता संतोष तिवारी ने बेटे के कंधे पर लेफ्टिनेंट का बैज लगाकर उसकी सैन्य यात्रा की शुरुआत कराई। इस भावुक पल की साक्षी नानी रमावती देवी और बुआ उर्मिला देवी भी बनीं। धीरज की सफलता पर सुरेमनपुर में परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई।

सैनिक स्कूल से पढ़कर बने अफसर
चिलकहर ब्लाक के गोपालपुर निवासी उत्तीर्ण पांडेय के पुत्र वैभव पांडेय ने भी थल सेना में लेफ्टिनेंट बनकर जिले का मान बढ़ाया है। वैभव पहलवान रामचंद्र चौबे, पूर्व प्रधान के पौत्र हैं। उन्होंने सैनिक स्कूल रीवा, मध्य प्रदेश से शिक्षा प्राप्त की और सीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर सैन्य सेवा में प्रवेश किया। उनकी सफलता की खबर मिलते ही गोपालपुर में बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों और परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई।