संग्राम सिंह, बलिया : प्रदेश सरकार की मंशा है कि फसलों को सींचने के लिए जो पानी नहरों में छोड़ा जाए, वह बर्बाद नहीं हो। हर खेत को पानी मयस्सर हो। किसान की फसल पानी के बिना कतई सूखने नहीं पाए। इसी मंशा से बलिया के तिलापुर दतहां में सरयू के किनारे भूमिगत पंप कैनाल परियोजना को मंजूरी मिली है। करीब 17.80 किलोमीटर लंबा यह अंडरग्राउंड पंप कैनाल पूर्वांचल में पहला है, इसके पहले बनारस और प्रयागराज में निर्माण हो चुका है, लेकिन लंबाई कम है। इस कैनाल में कुल 44 कुलावा बनाए जाएंगे। इन्हीं कुलावो से 14 गांवों के 1360 किसानों को पानी मिलेगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने दो हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण भी कर लिया है। 44 लाख रुपये में चार किसानों से भूखंड खरीदा गया है। सिचाई विभाग की गाजीपुर इकाई ने बाउंड्रीवाल, आफिस, स्टोर और कर्मचारियों के आवास का निर्माण भी शुरू कर दिया है। 30.63 करोड़ की परियोजना में 6.10 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं, इसमें करीब साढ़े चार करोड़ रुपये आजमगढ़ विद्युत वितरण खंड को हस्तांतरित किए गए हैं। वह स्वतंत्र फीडर का निर्माण करेंगे। यहां पर एक-एक एमवीए क्षमता के दो पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। दीघा सब स्टेशन से फीडर को जोड़ेंगे, इसके लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सिचाई विभाग ने करीब 12 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी है। नदी में बार्ज बनाया जाएगा। इस पर स्टील का स्ट्रक्चर (आकार) खड़ा कर टीनशेड डालेंगे। उसके नीचे करीब 800 हार्स पॉवर क्षमता के चार पंप लगाएंगे, जो किसानों को प्रतिदिन 40 क्यूसेक पानी की आपूर्ति करेंगे। परियोजना में लीकेज की समस्या खत्म हो जाएगी। ----------------- मुख्य पंप कैनाल से जुड़ेंगे चार माइनर तिलापुर-दतहां से कोलनाला ड्रेन तक मुख्य पंप कैनाल होगा। इसमें चार माइनर निकलेगा, छपराशेखर माइनर (3 किमी), जमधरवां माइनर (4.50 किमी), भैंसहां माइनर (3.30 किमी) और परसिया माइनर (2.5 किमी) शामिल हैं। माइनर से लमुही, जमघरवा, मरौही, झरकटहां, भैंसहां, छपराशेखर, श्रीनगर, नारायण गढ़, परसिया, खरिका, सोनबरसा, खिरजीपुर व कल्याणपुर आदि गांवों को लाभ। -------------------- अभी तक नहरों में लीकेज की वजह से पानी बर्बाद होने की समस्या थी, लेकिन तिलापुर-दतहां में भूमिगत पंप कैनाल परियोजना से रोक लगेगी। परियोजना पर काम इसी हफ्ते आरंभ किया जाएगा।

-- संजीव प्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता, लघु डाल नहर खंड, गाजीपुर।

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