बलिया में बैटरी साइकिल से ज्योति के सपनों को मिली उड़ान, अब शिक्षक बनने की राह होगी आसान
बलिया की दिव्यांग ज्योति को जिलाधिकारी की पहल से बैटरी साइकिल मिली, जिससे उसके शिक्षक बनने के सपने को नई ...और पढ़ें

बलिया में दिव्यांग ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को मिली नई राह, डीएम ने दी बैटरी साइकिल।
HighLights
जिलाधिकारी ने दिव्यांग ज्योति को बैटरी साइकिल, स्कूल बैग दिया।
ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को मिली नई उड़ान।
दाखिला, आवास, शौचालय के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
जागरण संवाददाता, नवानगर (बलिया)। तहसील सिकंदरपुर क्षेत्र के ग्राम महुलानपार की 19 वर्षीय दिव्यांग युवती कुमारी ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को अब नई उम्मीद मिली है। दोनों पैरों से दिव्यांग ज्योति की पढ़ाई आठवीं कक्षा के बाद विद्यालय आने-जाने की सुविधा के अभाव में छूट गई थी।
हाल ही में उसकी परेशानी सामने आने के बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मामले का संज्ञान लिया और रविवार को स्वयं उसके गांव पहुंचकर ज्योति से मुलाकात की। दैनिक जागरण में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान लिया और मदद को हाथ बढ़ाया।
ज्योति के पिता 56 वर्षीय गुलाबचंद किसी तरह गरीबी में परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनकी पत्नी 54 वर्षीय देवंती देवी गृहिणी हैं।
गुलाबचंद की कुल पांच बेटियां हैं, जिनमें एक की मृत्यु हो चुकी है। बड़ी बेटी शोभा की शादी हो चुकी है। पूजा उम्र 26 वर्ष एमए, बीएड कर चुकी हैं, जबकि रेखा ने एमए की पढ़ाई पूरी की है। सबसे छोटी बेटी ज्योति है, जिसकी दिव्यांगता के कारण पढ़ाई प्रभावित हुई। परिवार में चाचा 50 वर्षीय सुभाष भी दिव्यांग हैं। प्रशासन की ओर से उन्हें चलने के लिए छड़ी उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने ज्योति और उसके माता- पिता से मुलाकात कर उसकी दिव्यांगता, पढ़ाई और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी ली।
बातचीत के दौरान ज्योति ने बताया कि यदि उसे स्कूल आने-जाने के लिए साधन मिल जाए तो वह दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहती है। उसका सपना पढ़- लिखकर शिक्षक बनने का है। जिलाधिकारी ने ज्योति का उत्साह बढ़ाते हुए उसे चॉकलेट, स्कूल बैग, बैटरी वाली साइकिल और हेलमेट एवं अन्य सामग्री प्रदान किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति का विद्यालय में दाखिला कराने को कहा, ताकि उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि कुमारी ज्योति के लिए शौचालय तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने मौके पर ही कुमारी ज्योति को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया गया। जिलाधिकारी की इस पहल से ज्योति और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। अब बैटरी साइकिल मिलने के बाद विद्यालय तक पहुंचने की उसकी सबसे बड़ी समस्या दूर होने की उम्मीद है। इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर, सीएमओ डा. अभय कुमार राय, बीडीओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
दिव्यांग बच्चे के घर पहुंची अधिकारियों की टीम, मदद का भरोसा
रविवार को ही दिव्यांगजन अधिकारी पारस नाथ अपनी टीम के साथ कोथ गांव पहुंचे। उन्होंने 12 वर्षीय दिव्यांग प्रभाष कुमार पुत्र अमित कुमार गुप्ता से मुलाकात कर उसकी स्थिति की जानकारी ली। दोनों पैरों से लाचार प्रभाष शारीरिक परेशानी के कारण स्कूल नहीं पहुंच पा रहा है। दिव्यांगजन अधिकारी ने तत्काल सीएमओ बलिया अभय नारायण राय को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद प्रभास को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सा अधीक्षक डा. विजय कुमार के साथ जांच-पड़ताल कराई। अधिकारी ने हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया।
