नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और उसके साथ यौन अपराध में बाल अपचारी को 25 साल की सजा
बलिया में नाबालिग किशोरी के अपहरण और यौन अपराध के मामले में पाक्सो कोर्ट ने बाल अपचारी को 25 साल ...और पढ़ें

बलिया पाक्सो मामले में ऐतिहासिक फैसला, नाबालिग से यौन अपराध पर बाल अपचारी को 25 साल की कठोर सजा।
HighLights
नाबालिग किशोरी के अपहरण और यौन अपराध में बाल अपचारी दोषी।
पाक्सो कोर्ट ने 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने 40 हजार रुपये का जुर्माना भी आरोपित पर लगाया।
जागरण संवाददाता, बलिया। नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण करने और उसके साथ यौन अपराध के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट प्रथमकांत की अदालत ने बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए 25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने विभिन्न धाराओं में कुल 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अधीक्षक स्पेशल होम गाजीपुर को निर्देश दिया कि दोषसिद्ध के 21 वर्ष की आयु पूरी करने तक उसके अध्ययन, शारीरिक व मानसिक विकास के लिए व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। 21 वर्ष की आयु पूरी करते हुए उसे शेष सजा के लिए जिला कारागार भेजा जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि बाल अपचारी द्वारा अन्वेषण, जांच व विचारण के दौरान अभिरक्षा में बिताई गई अवधि को अधिरोपित सजा में समायोजित किया जाए।
अभियोजन के अनुसार घटना 11 जुलाई 2023 की है। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी नाबालिग पुत्री को आरोपित बहला-फुसलाकर मुंबई ले गया था। वहां उसके साथ यौन अपराध किए जाने का आरोप था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने तथा पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने बाल अपचारी को दोषी पाया। इसके बाद अदालत ने सजा और जुर्माने का आदेश पारित किया।
