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माओवादी गतिविधियों में लिप्त राजकुमार से पूछताछ तेज, हथियारों की कड़ी खंगाल रही एसटीएफ

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 26 Sep 2026 06:31 PM (IST)

बलिया में 14 साल से फरार 50 हजार के इनामी माओवादी राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा को एसटीएफ ने गुवाहाटी ...और पढ़ें

बलिया: 50 हजार के इनामी माओवादी राजकुमार वर्मा से एसटीएफ की पूछताछ तेज।

बलिया: 50 हजार के इनामी माओवादी राजकुमार वर्मा से एसटीएफ की पूछताछ तेज।

HighLights

  1. 14 साल से फरार 50 हजार का इनामी माओवादी गिरफ्तार।

  2. एसटीएफ हथियारों के स्रोत और पुराने नेटवर्क की जांच कर रही।

  3. पूर्व प्रधान की पत्नी फूलमती की हत्या का आरोपी है राजकुमार।

जागरण संवाददाता, बलिया। सहतवार क्षेत्र में वर्ष 2012 में पूर्व प्रधान की पत्नी फूलमती की हत्या के मामले में 14 साल से फरार 50 हजार रुपये के इनामी राजकुमार वर्मा उर्फ प्रदीप वर्मा की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने उसके हथियारों और पुराने नेटवर्क की कड़ियां खंगालनी शुरू कर दी हैं।

असम के गुवाहाटी से गिरफ्तारी के बाद ट्रांजिट रिमांड पर यूपी लाए गए राजकुमार से फरारी के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों, उन्हें उपलब्ध कराने वालों और संभावित ठिकानों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

एसटीएफ के अनुसार सहरसपाली निवासी राजकुमार वर्ष 2008 में सोहन सिंह की हत्या के बाद सीताराम उर्फ धनु के संपर्क में आया था। इसके बाद वह माओवादी गतिविधियों से जुड़ गया। वर्ष 2012 में अतडरिया गांव के तत्कालीन प्रधान मुसाफिर चौहान को पुलिस का मुखबिर मानकर वह साथियों के साथ पुलिस की वर्दी में उनके घर पहुंचा था।

प्रधान के नहीं मिलने पर उनकी पत्नी फूलमती की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कई आरोपित पकड़े गए, लेकिन राजकुमार लंबे समय तक फरार रहा। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि फरारी के दौरान राजकुमार के पास हथियार कहां से पहुंचे और उनका इस्तेमाल किन घटनाओं में हुआ। उसके संपर्क में रहे लोगों तथा संभावित ठिकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

माओवादी साहित्य और अन्य संदिग्ध सामग्री से जुड़े सुरागों की भी जांच होगी। राजकुमार के प्रमुख सहयोगी बताए जा रहे सीताराम उर्फ धनु को दिसंबर 2025 में एटीएस ने काशी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया था। वहीं, अगस्त 2023 में बलिया में हथियारों के साथ हुई गोपनीय बैठक के मामले में गिरफ्तार पांच संदिग्धों की जांच एनआइए कर रही है। ऐसे में राजकुमार से पूछताछ में हथियारों के स्रोत और पुराने नेटवर्क से जुड़े अहम तथ्य सामने आने की संभावना है।